अयोध्या: पलटते ही मची चीख-पुकार, डेढ़ घंटे की रेस्क्यू के बाद पुलिस ने खिड़की तोड़ मृतक और घायलों को निकाला
अयोध्या। ‘पता नहीं क्या हुआ समझ में नहीं आया, वहां पहले चाय पिलाया फिर चलने के लिए बस स्टार्ट हुई तो दो तीन बार लहराई और पलट गई। यह कहना है डबल डेकर बस में सवार श्री कृष्णा का जो हादसे में सुरक्षित बच गया, लेकिन उसकी बेटी घायल हो गई। उसने बताया सुबह साढ़े …
अयोध्या। ‘पता नहीं क्या हुआ समझ में नहीं आया, वहां पहले चाय पिलाया फिर चलने के लिए बस स्टार्ट हुई तो दो तीन बार लहराई और पलट गई। यह कहना है डबल डेकर बस में सवार श्री कृष्णा का जो हादसे में सुरक्षित बच गया, लेकिन उसकी बेटी घायल हो गई।
उसने बताया सुबह साढ़े सात बजे बाजार में चाय के लिए बस रोकी गई थी। चाय पीकर जैसे ही हाईवे पर चढ़ने लगी लहरा कर पलट गई। घायल ओम कुमार ने बताया कि बस चली भर थी तभी यह हादसा हो गया। जब तक कुछ समझते तब तक अंदर चीख पुकार मच गई। श्री कृष्णा की पत्नी अनीता बताती हैं ऐसा लगा कि धरती घूम गई। 14 साल की पुत्री अंशिका भी उसी के साथ दब गई।
दोनों के हाथ पीठ पर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शी मुमताजनगर निवासी शफीक आलम ने बताया कि धमाके की आवाज सुन कर देखा बस रेलिंग पर पलटी हुई थी। पुलिस जब तक पहुंचती बाजार के लोगों ने तीन घायलों को बाहर निकाल लिया था। करीब डेढ़ घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के दौरान अंदर जाने में मुश्किल आई तो बस की खिड़कियों को तोड़ना पड़ा।
डीएम नितिश कुमार और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भी मौके और जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों के समुचित इलाज के लिए निर्देश दिए।
कैंट पुलिस बनी देवदूत
गोरखपुर – लखनऊ हाईवे पर मंगलवार सुबह हुई दुर्घटना में कैंट पुलिस की तत्परता से कई जिन्दगी बच गई। कैंट प्रभारी अरुण प्रताप सिंह की टीम ने पलटी बस के भीतर घुस एक-एक कर घायलों को निकालना शुरू कर दिया। पीछे के हिस्से में दिक्कत आई तो खिड़की तोड़ दी गई फिर रेस्क्यू आपरेशन शुरू हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने बिना समय गंवाए एक घंटे के अंदर सभी घायलों को निकाल जिला अस्पताल पहुंचाया। डीएम नितिश कुमार और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पुलिस की मानवीय पूर्ण भूमिका की सराहना की है। पुलिस ने घायल एक छोटे बच्चे के दूध वगैरह की भी सहायता की।
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