संविधान बचाने को संगठित अभियान चलाना होगा: सूर्यकांत
अयोध्या। अशफाकउल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पांडेय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी इतिहास को बदलने के षड्यंत्र को लगाम लगाने के लिए संगठित अभियान चलाना होगा। सरकार अपने पूर्वजों की गलतियों पर पर्दा डालने के लिए षडयंत्रकारी इतिहास लिखवा रही है। पाण्डेय ने उक्त विचार स्वतंत्रता संग्राम …
अयोध्या। अशफाकउल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पांडेय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी इतिहास को बदलने के षड्यंत्र को लगाम लगाने के लिए संगठित अभियान चलाना होगा। सरकार अपने पूर्वजों की गलतियों पर पर्दा डालने के लिए षडयंत्रकारी इतिहास लिखवा रही है।
पाण्डेय ने उक्त विचार स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक मंगल पांडेय के शहादत दिवस पर आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खतरा केवल क्रांतिकारी इतिहास को ही नहीं बल्कि लोकतंत्र तथा संविधान को भी है। इस खतरे के खिलाफ जन आंदोलन की जरूरत है। प्रेस क्लब में आयोजित समारोह की अध्यक्षता स्वतंत्रता सेनानी राजबली यादव की पुत्री विद्यावती ने किया।
गोष्ठी में अवधेश सिंह द्वारा संपादित “जनसंस्कृति के नायक राजबली यादव” नामक पुस्तक का लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के पूर्व व उसके बाद राजबली यादव का संघर्ष प्रेरणा दायक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मौजूदा स्थिति में संघर्ष की ताकत पैदा करेगी। पुस्तक के संबंध में लोगों ने कहा कि इस प्रकार की पुस्तकें इतिहास को बचाने के लिए औजार की तरह प्रयोग की जाएगी। राजबली यादव के परिवार के गंगा प्रसाद यादव, विजय यादव, प्रतीक सत्यार्थ के अलावा अशोक तिवारी, संजय महेन्द्रा, अतीक अहमद, रामजी राम यादव, डिगई राम, संतराम यादव, लड्डू लाल यादव, रवि यादव, पप्पू सोनकर, मनोज मेहरोत्रा, अखिलेश चतुवेर्दी सहित बडी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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