बरेली: 12 साल बाद महिला की नसबंदी फेल, हंगामा
बरेली, अमृत विचार। आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग का अभिन्न अंग माना गया है। समस्त अभियान बिना आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से संपूर्ण नहीं हो सकता है लेकिन कहीं न कहीं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी जानबूझकर आशा कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। महिला मरीज की नसबंदी फेल …
बरेली, अमृत विचार। आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग का अभिन्न अंग माना गया है। समस्त अभियान बिना आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से संपूर्ण नहीं हो सकता है लेकिन कहीं न कहीं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी जानबूझकर आशा कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। महिला मरीज की नसबंदी फेल होने पर उसका ऑपरेशन के दौरान पुरुष अस्पताल के एक डॉक्टर ने आशा को खरी-खोटी सुनाकर अभ्रद व्यवहार किया।
क्या है पूरा मामला
मझगवां के गांव निवासी एक महिला ने 12 साले पहले सरकारी अस्पताल में नसबंदी कराई थी, लेकिन 12 साल का समय बीतने के बाद भी महिला गर्भवती हो गई। बीते गुरुवार को महिला मरीज स्थानीय आशा कार्यकर्ता के साथ ऑपरेशन कराने को जिला महिला अस्पताल पहुंची यहां जांच में सामने आया कि महिला का ऑपरेशन पुरुष अस्पताल में होगा। आशा जब महिला का ऑपरेशन कराने के लिए पुरुष अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर पहुंची तो यहा मौजूद डॉक्टर ने आशा कार्यकर्ता की फटकार लगाते हुए उसे बाहर भगा दिया। जिस पर आशा ने थियेटर के बाहर आकर जमकर हंगामा किया।
फूट-फूट कर रोई आशा
पुरुष अस्पताल में जब आशा कार्यकर्ता से डॉक्टर से तीखी नोकझोंक हुई इस पर आशा ने फौरन महिला अस्पताल आकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. अलका शर्मा से शिकायत की वहीं उनके सामने ही फुट-फुट कर रोने लगी। जिस पर सीएमएस ने डॉक्टर को चेतावनी देने की बात कर आशा को समझाकर शांत कराया।
ये भी पढ़ें-
बरेली: रमजान के पहले जुमे पर मांगी भाईचारे की दुआ
