लखनऊ: सरकारी वकीलों को सचिवालय बुलाकर साक्षात्कार लेने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने यूपी सरकार की पैरवी कर रहे सरकारी वकीलों को सचिवालय में एलआर आफिस बुला कर उनकी योग्यता का साक्षात्कार लिए जाने के मामले में बुधवार को नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति देवेन्द्र उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सरकार …
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने यूपी सरकार की पैरवी कर रहे सरकारी वकीलों को सचिवालय में एलआर आफिस बुला कर उनकी योग्यता का साक्षात्कार लिए जाने के मामले में बुधवार को नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति देवेन्द्र उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता को अदालत में बुलाकर पूछा कि किस आधार पर सरकारी वकीलों को साक्षात्कार के लिये बुलाया जा रहा है।
अदालत ने कहा कि सरकार इस मामले में स्वयं उचित निर्णय ले। अवध बार एसोसिएशन के महासचिव अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने अखबारों में प्रकाशित समाचार के आधार पर अदालत को बताया कि राज्य सरकार के अधिवक्ता भी अवध बार के सम्मानित सदस्य हैं। उनको एल आर कार्यालय बुलाकर साक्षात्कार लेना गरिमा के खिलाफ है ।
इस आधार पर अदालत ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता को बुलाकर सुझाव दिया कि कोई काम गरिमा व सम्मान के खिलाफ न किया जाय जिससे न्याय व्यवस्था पर कोई आंच आये । हालांकि अदालत ने सीएससी व सरकार दोनों का सम्मान रखते हुए उचित निर्णय लेने का सुझाव दिया।
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