महाराष्ट्र: अदालत ने वकील सदावर्ते को 18 अप्रैल तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा 

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Edited By Amrit Vichar
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डूंगरपुर। सतारा की एक अदालत ने 2020 के मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान आपत्तिजनक भाषा के कथित इस्तेमाल के मामले में शुक्रवार को वकील गुणारत्ना सदावर्ते को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सदावर्ते को सतारा थाने में उनके विरूद्ध दर्ज मामले के सिलसिले में बृहस्पतिवार को सतारा लाया गया एवं गिरफ्तार कर …

डूंगरपुर। सतारा की एक अदालत ने 2020 के मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान आपत्तिजनक भाषा के कथित इस्तेमाल के मामले में शुक्रवार को वकील गुणारत्ना सदावर्ते को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सदावर्ते को सतारा थाने में उनके विरूद्ध दर्ज मामले के सिलसिले में बृहस्पतिवार को सतारा लाया गया एवं गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सरकारी वकील अंजुम पठान ने यह कहते हुए 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत मांगी थी कि आरोपी की आवाज का नमूना लेने की जरूरत है और यह पता करने के लिए जांच की आवश्यकता है कि क्या उन्हें किसी ने आपत्तिजनक बयान देने के लिए उकसाया तो नहीं था।

एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत की थी कि 2020 में मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान एक टीवी चैनल पर सदावर्ते ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि इसी शिकायत के आधार पर सतारा पुलिस ने इन वकील के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की।

महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के हड़ताली कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदावर्ते को पिछले सप्ताह मुम्बई पुलिस ने एमएसआरटीसी कर्मियों के साथ तब भी गिरफ्तार किया था जब इन कर्मियों ने यहां राकांपा प्रमुख शरद पवार के निवास के बाहर प्रदर्शन किया था।

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