हल्द्वानी: दिल्ली में कोरोना से हड़कंप, यहां कोरोना को लेकर लापरवाही

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहां स्कूली बच्चों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। स्कूल बंद किये जा रहे हैं। इसके इतर से पर्यटक सीजन होने के बावजूद उत्तराखंड में कोरोना को लेकर कोई भी सख्ती नहीं रखी जा रही है। जबकि इन दिनों राज्य में …

हल्द्वानी, अमृत विचार। दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहां स्कूली बच्चों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। स्कूल बंद किये जा रहे हैं। इसके इतर से पर्यटक सीजन होने के बावजूद उत्तराखंड में कोरोना को लेकर कोई भी सख्ती नहीं रखी जा रही है। जबकि इन दिनों राज्य में बाहर से आने वाले पर्यटकों में ज्यादातर लोग दिल्ली के ही हैं।

राज्य में इन दिनों कोरोना के मामले कम आ रहे हैं। पिछले दिनों कोरोना को लेकर राज्य में सभी नियमों को खत्म कर दिया गया। वजह बताई गई कि इन दिनों कोरोना के मामले कम हो रहे हैं। इधर दिल्ली में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। राज्य में भी पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। यहां बाहर से आ रहे पर्यटकों को लेकर कोई भी नियम नहीं है।

न तो बॉर्डर पर जांच की जा रही है और न ही उत्तराखंड आने के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच जरूरी है। तीसरी लहर के दौरान नैनीताल में पर्यटकों की भी जांच की जा रही थी। इस बार ऐसा भी नहीं किया जा रहा है। कोविड की लहर के बाद पिछली बार भी यह देखने में आ चुका है कि लहर खत्म होने के बाद स्थिति पूरी तहर से नियंत्रण में आ जाती है। हालांकि जब कोविड की लहर शुरू होती है तो 15 दिन में स्थिति पूरी तहर से बदल जाती है।

जांचें भी हुई कम
हल्द्वानी। एक तरह से देखें तो स्वास्थ्य विभाग ने इन दिनों कोरोना को बिलकुल खत्म ही मान लिया है। इस समय एक दिन में औसतन कोरोना के 1000 से 1200 जांचें की जा रही हैं। जबकि तीसरी लहर के दौरान राज्य में एक ही दिन में कोरोना की 30 से 40 हजार तक जांचें की जा रही थीं। इस समय स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना जांच को लेकर कोई बड़ा अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है। हालांकि इन दिनों में कोरोना जांच में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की दर 0.50 प्रतिशत से भी कम है।

टीकाकरण में सुधर रही स्थिति
हल्द्वानी। राज्य में 12 से 14 साल आयुवर्ग के 164290 बच्चों को कार्बोवैक्स का टीका लग गया है। 15 से 17 साल आयुवर्ग के 485717 किशोरों को पहला और 328017 किशोरों को दूसरा टीका लग गया है। टीकाकरण की बात करें तो इस समय टीकाकरण तेज रफ्तार से चल रहा है। हालांकि तीसरी लहर के दौरान यह देखने में आया कि टीकाकरण के बाद भी कोविड हो सकता है। हालांकि ऐसे लोगों की अस्पताल में कम होने की भर्ती होने की नौबत कम आती है।

कोविड केयर अस्पताल को किया बंद
हल्द्वानी। डीआरडीओ ने राज्य में जहां भी कोविड केयर अस्पताल स्थापित किए थे उन सभी को बंद कर दिया गया है। हल्द्वानी में भी अस्पताल बंद किया जा चुका है। यहां तक की यहां पर मौजूद संसाधनों को भी डीआरडीओ वापस ले जा रहे है। हल्द्वानी के मिनी स्टेडियम में दूसरी लहर के दौरान मरीजों का उपचार के लिए बेड लाए गए थे। हालांकि उनका भी इस्तेमाल नहीं हो सका है।

 

कोविड को लेकर नियमों में ढील दी गई है। लेकिन लोगों से कोविड नियमों को पालन करने के लिए कहा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग कोविड को लेकर अभी भी तैयार है। हालांकि कुछ संसाधनों को परिस्थितियों के चलते बंद किया गया है।

-डॉ. तृप्ति बहुगुणा, स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड

 

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