बाजपुर: रमजान माह में मांग बढ़ने से छह सौ रुपये किलो तक बिक रहे खजूर
बाजपुर, अमृत विचार। रमजान माह में फलों की दुकानों पर काफी रौनक है। रोजा इफ्तार के लिए खजूर की बड़ी अहमियत बताई गई है। नगर के पांडे मोड़ स्थित फल विक्रेता जाकिर अली उर्फ कल्लू ने बताया कि इन दिनों मांग बढ़ने के साथ ही फलों खासकर खजूर के दाम भी बढ़ गये हैं। उन्होंने …
बाजपुर, अमृत विचार। रमजान माह में फलों की दुकानों पर काफी रौनक है। रोजा इफ्तार के लिए खजूर की बड़ी अहमियत बताई गई है। नगर के पांडे मोड़ स्थित फल विक्रेता जाकिर अली उर्फ कल्लू ने बताया कि इन दिनों मांग बढ़ने के साथ ही फलों खासकर खजूर के दाम भी बढ़ गये हैं। उन्होंने बताया उनके पास खजूर की कई वैरायटी उपलब्ध हैं जो कि 100 रुपये से शुरू होकर छह सौ रुपये किलो तक बिक रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अन्य फलों की बात करें तो आजकल रोजेदारों में तरबूज की भी खासी डिमांड है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर सबसे ज्यादा बिक्री तरबूज की हो रही है जो 30 रुपये किलो बिक रहा है। इसके अलावा खरबूजा 60 रुपये, सेब 200 रुपये, अनार 120 रुपये किलो, अंगूर 80 रुपये किलो, संतरा 80 रुपए किलो, पपीता 40 रुपये किलो, केला 50 रुपये किलो दर्जन है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में रोजेदार गला तर करने के लिए नींबू पानी का प्रयोग करते थे लेकिन नींबू की कीमत 300 रुपये होने के कारण लोग कम खरीदारी कर रहे हैं। उधर रोजाना सुबह सहरी के लिए नगर के मुस्लिम बाहुल्य बस्ती मुंडिया पिस्तौर में सिंबई, खजला, फैनी की अनेक दुकानें लगी हैं दुकानदार सरफराज ने बताया कि रोजेदार सहरी के लिए सबसे ज्यादा खजला पसंद करते हैं जो 160 रुपये किलो है।
फैनी भी 160 रुपये किलो है जबकि सेवई 60 रुपये किलो बिक रहा है। उधर मदीना मस्जिद केशव नगर के पेश इमाम हाफिज राहत अली ने बताया कि जरूरी नहीं कि रोजा इफ्तार के लिए बहुत सारी चीजें हों। उनके अनुसार नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फलों में खजूर को रोजा इफ्तार के लिए सबसे ज्यादा अफजल बताया है अगर खजूर ना हो तो रोजेदार अपना रोजा पानी से भी खोल सकता है ।
