खटीमा में सरकारी तालाबों के अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर, तैयारी शुरू
खटीमा, अमृत विचार। सीमांत क्षेत्र में अब जल्द सरकारी भूमि में हुए अतिक्रमण पर प्रदेश सरकार का बुलडोजर चलेगा। स्थानीय प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 229 तालाबों की हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में वर्ष 1951 का स्वरूप लौटाया जाएगा। इसके लिए अतिक्रमण को चिह्नित कर नोटिस भेजा जा रहा है। जिसमें …
खटीमा, अमृत विचार। सीमांत क्षेत्र में अब जल्द सरकारी भूमि में हुए अतिक्रमण पर प्रदेश सरकार का बुलडोजर चलेगा। स्थानीय प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 229 तालाबों की हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में वर्ष 1951 का स्वरूप लौटाया जाएगा।
इसके लिए अतिक्रमण को चिह्नित कर नोटिस भेजा जा रहा है। जिसमें अतिक्रमण हटाने को सप्ताह भर का समय दिया जा रहा है। इसके लिए एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने राजस्व अधिकारियों व कर्मियों की बैठक लेकर निर्देश दिए। यह भी बताया कि सरकारी भूमि में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जा रही है।
बता दें कि खटीमा के 229 तालाबों में खासे तालाब अतिक्रमण की जद में हैं। प्रशासन के पास इन क्षेत्रों में किये गये अतिक्रमण के आंकड़े मौजूद हैं। पिछली सरकारों में कभी भी सरकारी भूमि में अतिक्रमण हटाने की हिम्मत कम ही दिखाई है। इस बार जिस तरह यूपी में बुलडोजर बाबा अतिक्रमण पर बरस रहे हैं। इसका असर अब उत्तराखंड में भी नजर आने लगा है। कुछ समय पहले हल्द्वानी में भी प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इधर, शनिवार को एसडीएम बिष्ट ने तहसील सभागार में राजस्व अधिकारियों व कर्मियों की बैठक ली।
एसडीएम बिष्ट ने बताया कि 229 तालाबों को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में वर्ष 1951 की स्थिति में लाया जाएगा। उनका रकबा व स्वरूप पुराना रहेगा। इसमें राजस्व कर्मियों से रिपोर्ट तलब कर तत्काल अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके लिए एक सप्ताह का समय स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए दिया जा रहा है, इसके बाद भी अतिक्रमण न हटा तो प्रशासन अतिक्रमण हटाएगा। उन्होंने कहा कि नगर व ग्रामीण क्षेत्र में तालाबों के अलावा सरकारी भूमि में जहां-जहां अतिक्रमण हुआ है उसको संज्ञान में लेकर हटाया जायेगा। बैठक में नायब तहसीलदार युसूफ अली समेत अनेक कानूनगो और पटवारी मौजूद रहे।
