हल्द्वानी: कॉर्बेट पार्क में अवैध निर्माण पर निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो में अवैध निर्माण और प्रस्तावित टाइगर सफारी में अवैध पातन पर निदेशक राहुल पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। शासन ने इन मामलों में निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। यदि समय से जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो में अवैध निर्माण और प्रस्तावित टाइगर सफारी में अवैध पातन पर निदेशक राहुल पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। शासन ने इन मामलों में निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। यदि समय से जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शासन ने सीटीआर निदेशक राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कंडी रोड निर्माण, मोरघट्टी व पाखरो वन विश्राम गृह परिसर में भवनों का निर्माण, पाखरो में प्रस्तावित टाइगर सफारी में अवैध पातन, भारतीय वन अधिनियम 1927, वन संरक्षण अधिनियम 1980, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और वित्तीय अधिनियमों के उल्लंघन में जांच के लिए पांच सदस्यीय  कमेटी का गठन किया था।

कमेटी की जांच में कंडी रोड निर्माण, मोरघट्टी व  पाखरो वन विश्राम गृह परिसर में भवनों का निर्माण व गृह के समीप जलाशय का निर्माण, पाखरो में प्रस्तावित टाइगर सफारी में प्रशासनिक, वित्तीय,  विधिक एवं अपराधिक अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके अलावा एफसीए में निर्गत स्टेज-1, स्टेज-2 की स्वीकृति के अंतर्गत निर्गत शर्तों का अनुपालन, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से जारी सैद्धांतिक स्वीकृति का अनुपालन, टाइगर कंजर्वेशन प्लान का मिड टर्म रिव्यू कराने के लिए एनटीसीए को प्रस्ताव भेजे जाने में प्रभावी योगदान नहीं करने और लापरवाही बरतना भी पाया गया है।

शासन ने कमेटी की जांच के आधार पर निदेशक राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों में जवाब मांगा है। यदि इस अवधि में स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो निदेशक के खिलाफ अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली 1968 समेत अन्य संबंधित नियमों प्रशासनिक, वैधानिक, अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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