हल्द्वानी: कोरोनाकाल में खूब लीं सेवाएं, अब दुत्कार कर किया बाहर, स्वास्थ्यकर्मियों का छलका दर्द
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान सरकार और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने जिन कर्मचारियों को सम्मान के साथ ड्यूटी पर रखा था आज वही कर्मचारी नौकरी से बाहर कर दिए गए हैं। हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में पिछले 18 दिनों से धरना प्रदर्शन करने को मजबूर इन स्वास्थ्य कर्मियों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान सरकार और स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने जिन कर्मचारियों को सम्मान के साथ ड्यूटी पर रखा था आज वही कर्मचारी नौकरी से बाहर कर दिए गए हैं। हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में पिछले 18 दिनों से धरना प्रदर्शन करने को मजबूर इन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने अब भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में अब इन कर्मचारियों ने सुनवाई न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने सांत्वना दी है कि उन्हें समायोजित किया जाएगा पर समय बीतता जा रहा है और सरकार की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं आया है। जब तक सुशीला तिवारी अस्पताल में उनके समायोजन की कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बताते चलें कि डीआरडीओ की मदद से बने 500 बैड के अस्पताल में कोरोना काल में आउटसोर्स से स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया था। अब इन 122 कोरोना वारियर्स के परिवारों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। 31 मार्च 2022 को इनकी सेवाएं निरस्त कर दी गईं।
इस दौरान आकाश रावत, दीक्षा, भागीरथी, नेहा मेर, संध्या, हंसा, पारुल, भरत, राधा, मंजुल राणा, हरीश राणा, भावना, कविता शर्मा, संजय पांडे, चंपा बिष्ट, दिलीप कुमार, अवतार भंडारी, हिमानी, पंकज सिंह, जीशान, अनीता, लीला, योगेश, राहुल, गोविंद, खुशी, मनीषा, प्रियंका, दीप्ति, कैलाश, मनोज अधिकारी, रघुवर दत्त, खदीजा, रिजवान आदि मौजूद रहे।
