हल्द्वानी: आग लगी है उत्तराखंड में, शिकायतें आ रहीं यूपी से
हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य के जंगलों में आग की सूचनाओं के लिए जारी किया गया टोल फ्री नंबर शोपीस बन गया है। इस नंबर पर सूचनाएं तो आ रही हैं। लेकिन, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान से, ऐसे में वन कर्मी भी हैरान हैं। वन विभाग ने पिछले साल फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य के जंगलों में आग की सूचनाओं के लिए जारी किया गया टोल फ्री नंबर शोपीस बन गया है। इस नंबर पर सूचनाएं तो आ रही हैं। लेकिन, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान से, ऐसे में वन कर्मी भी हैरान हैं।
वन विभाग ने पिछले साल फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं की सूचना हासिल करने के लिए 24X7 एक टोल फ्री नंबर 1800-180-4075 जारी किया था। इस नंबर का मकसद था कि लोग जंगलों में आग की सूचना निशुल्क वन विभाग को मुहैया कराएं और वन विभाग इन सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करें।
इधर, वन विभाग ने इस नंबर का पर्याप्त प्रचार- प्रसार नहीं किया। इसका नतीजा यह है कि यह नंबर सिर्फ डिस्पले बोर्ड तक ही सीमित रह गया है। इस टोल फ्री नंबर पर दिन भर में दो-तीन शिकायतें मिल रही हैं। वो भी उत्तर प्रदेश के रामपुर, बरेली, आगरा, मथुरा समेत अन्य जिलों से आती हैं। हैरानी की बात यह है कि इक्का-दुक्का छोड़ दें तो उत्तराखंड के जंगलों में आग की सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। जबकि वन विभाग ने टोल फ्री नंबर के लिए बकायदा कर्मी नियुक्त किए हैं जो खबरों का संकलन करेंगे। इधर, विशेषज्ञों का दावा है कि वन विभाग ने टोल फ्री नंबर का प्रचार प्रसार नहीं किया। इस वजह से इस नंबर का समुचित लाभ जनता को नहीं हो पाया है।
इस तरह की आ रही शिकायतें
वन विभाग के अनुसार घर में बंदर घुसने, सांप के आने, बंदर के काटने, हिरन या चीतल घुस जाने की शिकायतें आ रही हैं। एक दो सूचनाएं जंगलों में आग की आ रही हैं। लेकिन, यह सभी सूचनाएं उप्र की होती हैं।
