हरदोई: करंट लगने से हुई दो किसानों की मौत, गम में डूबे लोगों का फूटा गुस्सा

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। खेत में टूटे पड़े हाइटेंशन बिजली के तारों की चपेट में आने से दो किसानों की मौत हो गई थी। बहनोई के हादसे का शिकार होने की खबर सुनते ही उसके साले ने गांव के बाहर फांसी लगाकर खुद भी अपनी जान दे दी। इसका पता होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग़म …

हरदोई। खेत में टूटे पड़े हाइटेंशन बिजली के तारों की चपेट में आने से दो किसानों की मौत हो गई थी। बहनोई के हादसे का शिकार होने की खबर सुनते ही उसके साले ने गांव के बाहर फांसी लगाकर खुद भी अपनी जान दे दी। इसका पता होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग़म से गुस्साए लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इसके लिए बिजली महकमें को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मुआवज़े की ज़ोरदार तरीके से मांग उठाई। इससे पुलिस काफी देर तक उलझी रही।पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

अनुराग बुरी तरह झुलस गया था

बताते चलें कि बुधवार की शाम टड़ियावां थाने के ककरहा मजरा पुरवा देवरिया निवासी वीरपाल अपने बेटे अनुराग व गांव के सत्येन्द्र के साथ खेत पर गेहूं काटने जा रहा था। इसी बीच रास्ते में टूटे पड़े हाइटेंशन बिजली के तारों की चपेट में आने से वीरपाल व सत्येन्द्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि अनुराग बुरी तरह झुलस गया था। इस हादसे की खबर सुनते ही वीरपाल के 32 वर्षीय साले रमेश पुत्र खिन्ना निवासी रावल थाना टड़ियावां को ऐसा सदमा पहुंचा कि उसने भी बुधवार की देर रात गांव के किनारे आम के बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। इसका पता होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

एसएचओ राजेश मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचें। उन्होंने शव को कब्ज़े में लिया। हादसे को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके लिए बिजली महकमें को ज़िम्मेदार मानते हुए मुआवज़े की मांग करते हुए अड़ गए। जिस पर एसएचओ श्री मिश्रा ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नही माना। इसके बाद एसएचओ श्री मिश्रा को जानकारी पर सदर तहसीलदार डा. प्रतीक त्रिपाठी,कानूनगो और लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर तुरंत मुआवज़ा दिलाने का भरोसा जताते हुए शवों को कब्ज़े का पंचनामा कराया गया।

आधी रात तक पड़े रहे शव

करंट की चपेट में आने से हुई दो किसानों की मौत और उसके बाद किसान के साले की मौत पर लोगों के गुस्से के आगे पुलिस बेचारी बन गई। मुआवज़े की मांग पर अड़े लोगों ने शवों को हाथ नहीं लगाने दिया। नतीजतन आधी रात तक तीनों शव पड़े रहे। अफसरों के दखल के बाद पुलिस ने शवों को अपने कब्ज़े में लिया।

बिखर गया रमेश का कुनबा

बहनोई वीरपाल की मौत की खबर सुनते ही उसके साले रमेश ने भी फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। रमेश खेती-बाड़ी करके किसी तरह अपना और अपने बच्चों का पेट पाल रहा था। उसके इस तरह कदम उठा लेने से सारा कुनबा टूट कर बिखर गया। रमेश की इस तरह हुई मौत से पत्नी और उसके बच्चों का हाल-बेहाल है।

मौत और जिंदगी से जूझ रहा है अनुराग

हाइटेंशन बिजली का करंट लगने से झुलसे किसान वीरपाल का बेटा अनुराग लखनऊ में मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहा है। उसका मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। खबर लिखे जाने तक अनुराग की हालत फिलहाल नाज़ुक बनी हुई थी। इलाज कर रहे डाक्टर उसकी हालत में देर से सुधार होने की बात कह रहें हैं।

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