उत्तराखंड: विधायक कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद मतदाताओं को साधने चंपावत पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
हल्द्वानी, अमृत विचार। एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। चंपावत से भाजपा विधायक कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत से उपचुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दल बल के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत पहुंच गए। यहां उन्होंने गुरु गोरखनाथ …
हल्द्वानी, अमृत विचार। एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। चंपावत से भाजपा विधायक कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत से उपचुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दल बल के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत पहुंच गए। यहां उन्होंने गुरु गोरखनाथ धाम के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ कैलाश गहतोड़ी साए की तरह दिखाई दिए।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री के रूप में छह माह की पहली पारी में पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा, टनकपुर, चम्पावत, अमोड़ी, देवीधुरा, नाखुड़ा का दौरा किया। 23 मार्च को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पहला दौरा बनबसा, टनकपुर, पूर्णागिरि धाम का रहा। अब पुष्कर सिंह धामी का दौरा सीमावर्ती गांवों को वोटरों को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र खटीमा से चंपावत विधान सभा सीट की दूरी महज 12 किमी है। मैदान और पहाड़ वाली इस सीट में आधे से अधिक मतदाता टनकपुर और बनबसा में हैं। यह सीट पूर्व सैनिक बाहुल्य भी है। सैनिक पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले मुख्यमंत्री के लिए पूर्व फौजियों का कनेक्शन पहले से मजबूत रहा है।
