नैनीताल: स्टोन क्रशर के 300 मीटर के दायरे में आबादी है या नहीं
नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने रामनगर के उदयपुरी चोपड़ा में संचालित बालाजी स्टोन क्रशर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने स्टोन क्रशर के संचालन पर रोक बढ़ा दी है। कोर्ट ने स्टोन क्रशर मालिक को …
नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने रामनगर के उदयपुरी चोपड़ा में संचालित बालाजी स्टोन क्रशर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने स्टोन क्रशर के संचालन पर रोक बढ़ा दी है। कोर्ट ने स्टोन क्रशर मालिक को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही सरकार से पूछा है कि 300 मीटर के दायरे में आबादी है या नहीं, जांच कर रिपोर्ट पेश करें।
मामले के अनुसार, रामनगर के सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने याचिका दायर कर कहा कि रामनगर के उदयपुरी चोपड़ा में सरकार ने बालाजी स्टोन क्रशर इंडस्ट्रीज को स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति वर्ष 2021 में दी। यह स्टोन क्रशर पीसीबी के मानकों को ताक पर रखकर स्थापित किया गया। मानकों के अनुसार क्रशर आबादी क्षेत्र से 300 मीटर दूर स्थापित किया जाना था, जहां यह क्रशर लगाया गया है, इसके सौ मीटर दूरी पर एक मकान व ढाई सौ मीटर की दूरी पर कई मकान हैं।
याचिकर्ता का कहना है कि जो मकान 100 मीटर की दूरी पर है, उसने स्टोन क्रशर मालिक को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया जबकि अन्य ने नहीं दिया, जिसके आधार पर सरकार ने स्टोन क्रशर का लाइसेंस दे दिया। जब सरकार से इसके बारे में पूछा गया तो सरकार ने कहा कि स्टोन क्रशर लगाने के लिए दूरी का मानक लागू नहीं है बाकि सभी मानक लागू हैं। याचिकर्ता का कहना है कि पीसीबी के मानकों के अनुसार स्टोन क्रशर आबादी क्षेत्र से 300 मीटर दूर लगाया जाये परन्तु सरकार ने इसे अनुमति कैसे दी। इस पर रोक लगाई जाये।
