हरदोई: प्रधानाध्यापक पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के लगे गंभीर आरोप, जांच में जुटे लोकायुक्त
हरदोई। जिले के विकास क्षेत्र बावन के प्राथमिक विद्यालय साबिरपुर के प्रधानाध्यापक के विरुद्ध ग्राम प्रधान द्वारा की गई भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की विभिन्न उच्च स्तरीय शिकायतों के बाद हुई जांच में दोषी पाए गए प्रधानाध्यापक के विरुद्ध जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुनः दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। साथ ही …
हरदोई। जिले के विकास क्षेत्र बावन के प्राथमिक विद्यालय साबिरपुर के प्रधानाध्यापक के विरुद्ध ग्राम प्रधान द्वारा की गई भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की विभिन्न उच्च स्तरीय शिकायतों के बाद हुई जांच में दोषी पाए गए प्रधानाध्यापक के विरुद्ध जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुनः दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
साथ ही प्रधानाध्यापक की निरंकुशता में सहयोग करने वाली सहायक अध्यापिका आकांक्षा पटेल को भी उनके अनुशासनहीन व्यवहार के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। सिर्फ यही नहीं दोषी प्रधानाध्यापक को जांच संपन्न होने तक उसके पद से हटाकर उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐजा में संबद्ध कर दिया गया है।
विदित हो कि ग्राम प्रधान सविता देवी द्वारा प्रधानाध्यापक हेमंत उर्फ मोनू पांडे के विरुद्ध अनियमित ढंग से एक ही परिवार के तीन सदस्यों को रसोईया पद पर चयनित करने, फर्जी ढंग से विद्यालय प्रबंध समिति गठित करने एवं रसोईया के पति तथा पुत्र को इस फर्जी विद्यालय प्रबंध समिति का अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष बना देने तथा प्रबंध समिति अध्यक्ष के कथित हस्ताक्षर स्वयं बनाकर विद्यालय प्रबंध समिति एवं मध्यान भोजन निधि के बैंक खातों से लाखों रुपए की धनराशि निकालकर गबन करने संबंधी गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय शिकायत की गई थी।
इस शिकायत के निस्तारण हेतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बनाई गई 4 सदस्यीय जांच समिति में प्रधानाध्यापक के विरुद्ध लगाए गए विभिन्न आरोप सत्य साबित हुए परंतु शिकायतकर्ता का आरोप है कि उच्च स्तरीय राजनीतिक दबाव और संरक्षण के कारण दोषी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई एवं कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता मात्र निभा दी गई।
जिला स्तर पर हुई कार्यवाही से संतुष्ट न होने के कारण शिकायतकर्ता ने इस प्रकरण की शिकायत लोकायुक्त उत्तर प्रदेश से की जिसके बाद एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है तथा शिकायत के विभिन्न बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। इस जांच को विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक द्वारा बार-बार दबंगई दिखाते हुए प्रभावित किया जा रहा था।
जिस कारण स्थानीय स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई आख्या को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दोषी प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापिका के विरुद्ध कार्रवाई करने पर विवश होना पड़ा एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाध्यापक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे विद्यालय से हटाकर अन्यत्र संबद्ध कर दिया गया।
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