बाजपुर: गो सेवा सदन के जानवरों के लिए भोजन दान देने की अपील

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बाजपुर अमृत विचाार। महंगाई की मार अब बेजुवान मवेशियों पर भी पड़ने लगी है जिसको लेकर श्रीराधेकृष्ण गो-सेवा सदन (ट्रस्ट) को गोशाला में पल रहे लगभग डेढ़ हजार मवेशियों की चिंता सताने लगी है। प्रति वर्ष लगभग 13 हजार कुंतल भूसे की आवश्यकता होती है जिसमें तमाम प्रयासों के बाद गोशाला मात्र पांच हजार कुंतल …

बाजपुर अमृत विचाार। महंगाई की मार अब बेजुवान मवेशियों पर भी पड़ने लगी है जिसको लेकर श्रीराधेकृष्ण गो-सेवा सदन (ट्रस्ट) को गोशाला में पल रहे लगभग डेढ़ हजार मवेशियों की चिंता सताने लगी है। प्रति वर्ष लगभग 13 हजार कुंतल भूसे की आवश्यकता होती है जिसमें तमाम प्रयासों के बाद गोशाला मात्र पांच हजार कुंतल भूसा ही खरीद पाई है। उसमें ही लगभग पूरे वर्ष का भूसे का बजट खर्च हो गया है। अगले चार माह के बाद बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

श्रीराधेकृष्ण गो-सेवा सदन (ट्रस्ट) की बैठक में अवगत कराया गया कि लगभग एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष गोवंशीय मवेशियों पर खर्च होता है जिसमें लगभग 20 प्रतिशत अंशदान सरकार से प्राप्त होता है और 80 प्रतिशत दानदाताओं पर गोशाला निर्भर रहती है। इस बार गेहूं की फसल कम होने के कारण भूसे का उत्पादन भी 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो गया है।

डीजल के रेट बढ़ने के कारण भूसा बनाने के रेपर आदि के रेट भी बढ़ गए हैं। सीजन के इस मौसम में जो भूसा 250 रुपये से 300 रुपये प्रति कुंतल मिलता था, जोकि आज 700 रुपये से अधिक रेट पर मिल रहा है तथा जो दान में प्राप्त होता था उसमें भी 80 प्रतिशत तक कमी देखी गई है। ऐसे में गोशाला का बजट भूसे ने बिगाड़ दिया है।

संस्था अध्यक्ष संजय मित्तल ने अवगत कराया कि बैठक में तय किया गया कि पूरे जनपद व आसपास के लोगों से अपील की जाए कि वह गोवंश हेतु हरा चारा, भूसा, दाना आदि दान कर सकते हैं। ऐसा करने वाले दानदाताओं को टैक्स में एटीसी का लाभ भी मिल सकता है। वहीं संस्था धन दान दिया जा सकता है। दानदाताओं के सहयोग से गोवंश को बचाने में बड़ी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इच्छुक दानदाता अपने खेत में गेहूं के खड़े अवशेष से भूसा बनवाकर दान कर सकता है। जानकारी के लिए उनके मोबाइल नंबर 9837000535 पर संपर्क किया जा सकता है। बैठक में सत्यभूषण सिंघला, राजेश गोयल, राजेश गर्ग, जगदीश गोयल, वीरेंद्र गोयल, भोजराज गर्ग आदि मौजूद थे।

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