बाराबंकी: डेढ़ सौ करोड़ की लागत से भवानियापुर खेवली में बनेगा रामायण म्यूजियम
बाराबंकी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर एक फोटो साझा करते हुए जिले की रामसनेहीघाट तहसील के भवनियापुर खेवली में डेढ़ सौ करोड़ रुपए की लागत से रामायण म्यूजियम बनाने की बात कही है। सभी सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय बनने वाले इस म्यूजियम के चलते बाराबंकी जनपद का नाम विदेशों तक रोशन होगा। जिसको लेकर …
बाराबंकी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर एक फोटो साझा करते हुए जिले की रामसनेहीघाट तहसील के भवनियापुर खेवली में डेढ़ सौ करोड़ रुपए की लागत से रामायण म्यूजियम बनाने की बात कही है। सभी सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय बनने वाले इस म्यूजियम के चलते बाराबंकी जनपद का नाम विदेशों तक रोशन होगा। जिसको लेकर जनपद वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
राज्यमंत्री के अथक प्रयास का प्रतिफल रामायण म्यूजियम
पिछली बार भाजपा से चुनाव जीतने के बाद से ही दरियाबाद विधायक सतीश शर्मा रामायण संग्रहालय और शिल्पग्राम बनाए जाने की कवायद में जुट गए थे। इसके लिए जमीन का चुनाव करते हुए भवनियापुर खेवली में जमीन देखने के बाद अधिकारियों द्वारा इस पर मुहर लगा दी गई थी। विधायक सतीश शर्मा दोबारा इस विधानसभा क्षेत्र से भारी मतों से जीते ही नहीं बल्कि योगी सरकार ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया है। इसी के तहत प्रदेश सरकार के इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
ट्वीट होते ही जनपद वासियों में दौड़ी खुशी की लहर
इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय विधायक द्वारा आयोजित चुनावी जनसभा में दरियाबाद को अयोध्या का द्वार बताया था। अयोध्या के द्वार में बसे लोगों की खुशियां 2 दिन पहले उस समय और बढ़ गई। जब मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट के माध्यम से लोगों से या जानकारी साझा की है।
ट्वीट में कहां गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनने वाले रामायण संग्रहालय के लिए लखनऊ से अयोध्या रास्ते में बाराबंकी जनपद की रामसनेहीघाट तहसील के भवनियापुर खेवली गांव में स्थित 10 एकड़ की जमीन का चयन कर लिया गया है। इस ट्वीट के बाद से बाराबंकी क्षेत्र का अयोध्या से सीधे नाता जुड़ गया। क्योंकि अयोध्या के मार्ग पर आने-जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए रामायण संग्रहालय व शिल्पग्राम आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
तकनीकी विशेषज्ञ तैयार कर रहे हैं कार्य योजना
आईटीआई खड़गपुर के तकनीकी विशेषज्ञ रामायण संग्रहालय और शिल्पग्राम को ऐसा आकार देने में जुट गए हैं। जिसके चलते अयोध्या आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां आने पर विवश हो जाएगा। इसके लिए रामायण काल के मुख्य रुप से अशोक का पेड़ और कंदमूल फल के साथ पंचवटी के वृक्ष भी लगाए जाएंगे।
हर रोज सुबह शाम दोनों समय सामूहिक भजन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भगवान श्री राम हनुमान के भजनों का गायन होगा। संग्रहालय तैयार होने के बाद परिसर में रामचरितमानस के सातों कांड वीडियो के जरिए दिखाए जाएंगे। इसके साथ ही चौपाई और दोहों का सस्वर पाठ भी सुनने को मिलेगा। संग्रहालय में कठपुतली के माध्यम से भारत समेत रूस जापान इंडोनेशिया मलेशिया और थाईलैंड की रामायण भी प्रस्तुत की जाएगी।
विदेशों में मिलने वाले व्यंजन रहेंगे उपलब्ध
रामायण संग्रहालय व शिल्पग्राम को और ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए यहां एक विश्व स्तरीय कैंटीन स्थापित की जाएगी। जिसमें विभिन्न प्रांतों नहीं विदेशों में मिलने वाले व्यंजन भी पर्यटकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्हें आकर्षित करने के लिए एक ही रसोई में मधुबनी अवध छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश तेलंगाना तमिलनाडु और श्रीलंका के व्यंजनों का भी स्वाद लोग ले सकेंगे।
शिल्पग्राम की स्थापना से हजारों बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
रामायण संग्रहालय में एक शिल्पग्राम की स्थापना करने की योजना है। जिसमें विभिन्न प्रकार के लकड़ी भवन से संबंधित वस्तुओं से विभिन्न प्रकार के उत्पादों का एक शोरूम भी रहेगा। नौजवानों को इस शिल्पग्राम में लकड़ी व नक्काशी के साथ ही अन्य तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन समानों की बिक्री करने का बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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