उत्तराखंड: हाईकोर्ट में निर्वाचन को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई, कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल समेत अन्य को नोटिस
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार को हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के निर्वाचन को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की। अगली सुनवाई को 25 मई की तिथि नियत की है। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में ऋषिकेश निवासी व …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार को हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के निर्वाचन को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की। अगली सुनवाई को 25 मई की तिथि नियत की है।
वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में ऋषिकेश निवासी व कांग्रेस के प्रत्याशी रहे जयेंद्र चंद्र रमोला की चुनाव याचिका पर सुनवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के विवेकाधीन राहत कोष से करोड़ों रुपया निकालकर को डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से मतदाताओं में बांटा है। डिमांड ड्राफ्ट सबूत के तौर पर अपनी याचिका में लगाये गए हैं। याचिका में इस मामले की जांच करने और सही पाए जाने पर अग्रवाल का चुनाव निरस्त करने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने मंत्री अग्रवाल के साथ जिलाधिकारी देहरादून, एसडीएम व रिटर्निंग ऑफिसर ऋषिकेश, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड समेत हारे हुए प्रत्याशी अनूप सिंह राणा, कदम सिंह बालियान, कनक धने, जगजीत सिंह, बबली देवी, मोहन सिंह, राजे सिंह नेगी, संजय श्रीवास्तव, ऊषा रावत व संदीप बसनैत को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग से भी जवाब पेश करने को कहा है।
