ओहायो विश्वविद्यालय अनुसंधान के लिए डिजिटल मंच विकसित करेगा

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वाशिंगटन। अमेरिका में ओहायो के एक विश्वविद्यालय को भारत-अमेरिका संयुक्त प्रस्तावों को विकसित करने वाले अनुसंधान के लिए एक डिजिटल मंच विकसित करने के वास्ते 78,000 डॉलर का अनुदान मिला है। यह जानकारी अमेरिका के एक सीनेटर ने दी है। कार्यक्रम का वित्तपोषण ‘नेशनल साइंस फाउंडेशन’ (एनएसएफ) करेगी और इसको विकसित ‘केस वेस्टर्न रिजर्व विश्वविद्यालय’ …

वाशिंगटन। अमेरिका में ओहायो के एक विश्वविद्यालय को भारत-अमेरिका संयुक्त प्रस्तावों को विकसित करने वाले अनुसंधान के लिए एक डिजिटल मंच विकसित करने के वास्ते 78,000 डॉलर का अनुदान मिला है। यह जानकारी अमेरिका के एक सीनेटर ने दी है। कार्यक्रम का वित्तपोषण ‘नेशनल साइंस फाउंडेशन’ (एनएसएफ) करेगी और इसको विकसित ‘केस वेस्टर्न रिजर्व विश्वविद्यालय’ करेगा।

मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब यह विकसित हो जाएगा तो यह अग्रिम क्षेत्र में सहयोग करने में मदद करेगा, अनुसंधान और नवाचार में तेजी लाने में सहायता करेगा, विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाएगा और दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच संवाद को मजबूत करेगा। सीनेटर शेरोड ब्राउन ने कहा, “रोजगार सृजित करने और हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान अहम है।”

ब्राउन सहायक प्रारंभिक करियर शोधकर्ता अधिनियम के सह-प्रायोजक हैं जो एनएफएस में दो वर्ष का पायलट कार्यक्रम शुरू करने के लिए है ताकि स्वतंत्र और उच्च शिक्षा अनुसंधान संस्थानों में योग्य, प्रारंभिक करियर अनुसंधानकर्ताओं को अनुदान दिया जा सके। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कोरोना वायरस महामारी के कारण नौकरी बाजार में व्यवधान के कारण अनुसंधान प्रतिभा हानि को रोकने में मदद करेगा।

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