बाराबंकी: महंगाई ने बिगाड़ा किचन का बजट, घर-घर में बढ़ रहा तनाव
बाराबंकी। पेट्रोलियम पदार्थों में वृद्धि का अब सीधा असर रसोई घर पर पड़ रहा है। महंगाई की मार के चलते घर घर में किचन का बजट गड़बड़ा गया है। महिलाएं कह रही हैं कि दाम तो बढ़े लेकिन आमदनी नहीं बनी। जिसके चलते आप घर घर में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही हैं। खाद्य …
बाराबंकी। पेट्रोलियम पदार्थों में वृद्धि का अब सीधा असर रसोई घर पर पड़ रहा है। महंगाई की मार के चलते घर घर में किचन का बजट गड़बड़ा गया है। महिलाएं कह रही हैं कि दाम तो बढ़े लेकिन आमदनी नहीं बनी। जिसके चलते आप घर घर में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही हैं।
खाद्य तेलों के दाम तो बीते कुछ महीनों में आसमान छू गए है। रिफाइंड तेल के भी बढ़ रहे हैं। पेट्रोल डीजल के दाम नए दिन के साथ नई ऊंचाइयों पर रहते हैं। जिसके चलते ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर व्यक्ति के दैनिक दिनचर्या में प्रयोग आने वाले प्रत्येक खर्चे पर पड़़ता है। व्यक्ति अपने अतिरिक्त खर्चों में कटौती तो कर सकता है।
लेकिन अब वह अपने पेट की भी कटौती कर रहा है। महंगाई की मार झेल रही दाल मसाले इत्यादि से लोगों ने दूरी बना ली है। बाजार में मौजूद ज्यादातर दाल 100 से ₹120 किलो तक बिक रही हैं। महंगाई का असर सब्जियों पर भी पड़ा है। जिसके चलते आलू व अन्य खाद्य सामग्री महंगी हो गई है। हरी सब्जियों के दाम भी आसमान पर है।
बाजार में आलू की कीमत ₹15 से लेकर 20 किलो तक बिक रहा है। फलों के दाम में भी तेजी से इजाफा हुआ है। गैस सिलेंडर कीमत भी अपनी नई ऊंचाइयों पर है। अब घरेलू गैस सिलेंडर ₹990 प्रति सिलेंडर मिल रहा है। जिसका सीधा असर घर को चला रही महिलाओं के किचन पर पड़ता है। जिसके चलते उनका किचन का सारा बजट बिगड़ गया है।
आए दिन बढ़ रही महंगाई हमारी किचन के सारे बजट को गड़बड़ कर देती है, घरेलू सिलेंडर के बढ़ते दामों के चलते अब बचत करना मुश्किल हो रहा है। हमारी आमदनी उतनी ही रही है। लेकिन खर्चा दोगुना हो गया है – विद्योत्तमा शुक्ला, गृहणी
किचन का बजट बिगड़ने से घर में तनाव सा रहता है। सरसों के तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। अब ज्यादातर काम घरेलू सिलेंडर से न होकर इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे पर ही किया जाता है। रोज बढ़ती महंगाई ने हमारी कमर तोड़ दी है -मिथलेश मिश्रा, गृहणी
