गोरखपुर : ईद-उल-फित्र कल, चांद रात में बिखरी खुशियों की चांदनी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गोरखपुर। ईद-उल-फित्र का पवित्र त्योहार मंगलवार को मनाया जाएगा। एक महीने तक रोजा रखने के बाद आखिर वह मौका आ गया जिसका हर मुसलमान को बेसब्री से इंतजार रहता है। मंगलवार को करीब सुबह 6:45 बजे से ईद-उल-फित्र की नमाज शुरू होगी। सबसे पहले चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की जाएगी। वहीं …

गोरखपुर। ईद-उल-फित्र का पवित्र त्योहार मंगलवार को मनाया जाएगा। एक महीने तक रोजा रखने के बाद आखिर वह मौका आ गया जिसका हर मुसलमान को बेसब्री से इंतजार रहता है। मंगलवार को करीब सुबह 6:45 बजे से ईद-उल-फित्र की नमाज शुरू होगी। सबसे पहले चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की जाएगी। वहीं सबसे आखिरी में सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला बसंतपुर में सुबह 10:30 बजे ईद-उल-फित्र की नमाज अदा होगी। सभी ईदगाहों व मस्जिदों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

ईद को लेकर बाजारों की रौनक भी देखने लायक रही। खरीदारों की भीड़ का आलम यह रहा कि शाह मारूफ, रेती, उर्दू बाज़ार, घंटाघर एवं जाफ़रा बाज़ार में पैदल चलना तक मुश्किल था। महंगाई के बावजूद सारी रात लोग अपनी पसंद और जरूरत का सामान खरीदते रहे। कोई कपड़ा खरीद रहा था तो कोई सेवईयां ले जा रहा था। खुशियों और दावत का त्योहार ईद अल्लाह की तरफ से अपने नेक बंदों के लिए बेहतरीन तोहफा है। अल्लाह तआला की ओर से अपने बंदों को दिए गए इस खास तोहफे को लेकर मुसलमानों में जबरदस्त उत्साह है। दो साल बाद पूरे उत्साह व उल्लास के साथ ईद का त्योहार मनाया जाएगा।

सोमवार को ईद (शव्वाल) का चांद देखा गया। विभिन्न मस्जिदों में एतिकाफ में बैठे रोजेदारों ने एतिकाफ मुकम्मल कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। मुस्लिम समाज ने एक दूसरे को मुबारकबाद पेश की। लोगों ने मुबारकबाद देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। जहां पुरुषों ने बाजार का रुख किया वहीं महिलाएं घरों को सजाने-सवांरने में जुट गईं। रेती रोड, शाह मारुफ, घंटाघर, जाफरा बाजार, गोरखनाथ, रसूलपुर, बक्शीपुर, नखास आदि क्षेत्रों में रात भर लोग सामान खरीदते दिखाई पड़े। रात के साथ ही साथ बाजारों की रौनक भी बढ़ती जा रही थी। सबसे ज्यादा भीड़ सड़क की दोनों ओर पटरी पर लगे अस्थाई दुकानों पर थी। रात के साथ सामानों की कीमत भी कम होती जा रही थी।

चांद रात होने के कारण भीड़ होना लाज़िमी था। पुरुष कुर्ता-पायजामा, इत्र, टोपी, रुमाल, जींस, शर्ट, चप्पल और इत्र खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे थे, वहीं महिलाएं कप प्लेट, चूड़ी, ब्रेसलेट और नेल पालिश खरीदने में मसरुफ थी। यूं तो रमज़ान शुरू होने के साथ ही खरीदारी होने लगती हैं मगर चांद रात को जाकर ही खरीदारी पूरी होती है।

चूड़ियों और मेंहदी के बिना ईद की खुशी अधूरी है। रंग बिरंगी चूड़ियां हमेशा से ही महिलाएं को लुभाती रही हैं। यही वजह है कि इन अस्थायी दुकानों पर सबसे ज्यादा दुकानें चूड़ियों की लगी थी। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रेती रोड से लेकर मरकजी मदीना जामा मस्जिद तक पैर रखने तक की जगह न थी। कमोबेश यही हालात जाफरा बाजार और गोरखनाथ क्षेत्र के रहे। लोगों को जहां अपने पसंद का सामन खरीदने की जल्दी थी, वहीं सड़क पर सामान बेच रहे दुकानदार भी अपना सामान औने पौने दाम में बेचकर घर जाने की फिराक में थे। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

रात की नमाज़ के बाद लोगों का हुजूम गोश्त (मीट) की दुकानों पर उमड़ पड़ा। चिकन की दुकान हो या मटन की दुकान सभी पर देर रात तक लोगों की कतार नजर आईं। मटन की कुछ मशहूर दुकानाें पर पूरी रात मीट खरीदने वालों की लाइन लगी रही। हालांकि मौके का फायदा उठाकर ज्यादातर दुकानदारों ने मीट की कीमत बढ़ा दी थी। दर्जियों की दुकानों पर भी खूब भीड़ उमड़ी। सारी रात दर्ज़ियों की दुकानें खुली रहीं। चांद रात में खूब उत्साह नजर आया। मुस्लिम बाहुल क्षेत्रों में रात भर चहल पहल रही। ईद के मौके पर कई मोहल्लों को सजाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:-बाराबंकी: सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच कल अदा की जाएगी ईद की नमाज

संबंधित समाचार