बहराइच: केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने जिले के अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए यह निर्देश

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बहराइच। केंद्र सरकार के अधिकारी शाम को जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी के साथ विभाग में सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आकांक्षात्मक जनपद बहराइच के लिए नामित केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी/संयुक्त सचिव, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एण्ड आईटी अमितेश कुमार सिन्हा ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में …

बहराइच। केंद्र सरकार के अधिकारी शाम को जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी के साथ विभाग में सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

आकांक्षात्मक जनपद बहराइच के लिए नामित केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी/संयुक्त सचिव, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एण्ड आईटी अमितेश कुमार सिन्हा ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में नीति आयोग द्वारा निर्धारित सूचकांकों के प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान कर जागरूक किया जाय।

आकांक्षात्मक जनपद का एक उद्देश्य यह भी है

उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक जनपद का एक उद्देश्य यह भी है कि आमजन में जनजागरूकता भी लायी जाये ताकि सक्षम लोग स्वयं भी नये-नये तरीके अपनाकर आगे बढ़ सकें। इससे पूर्व कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचने पर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने अंगवस्त्र भेंट कर केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी का स्वागत किया। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आकांक्षात्मक जनपद में मिशन कायाकल्प के तहत 119 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की सुविधा विकसित करने के बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आयें है।

उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो जाने से जहॉ एक ओर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अपने घर से दूर नहीं जाना पड़ता, वहीं दूसरी ओर त्वरित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो जाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी आयी है।

डॉ. चन्द्र ने यह भी बताया कि जिले को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाये जाने के उद्देश्य से शासन की मंशानुरूप वीएचएसएनडी व मॉडल वीएचएसएनडी सत्रों का आयोजन मानक के अनुसार किया जा रहा है।

डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण घरों में भी कुपोषित बच्चों को अनुमन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही भर्ती एवं डिस्चार्ज बच्चों का फालोअप भी कराया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भर्ती मरीज़ो को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराये जाने हेतु स्वय सहायता समूहों के माध्यम से भोजन की व्यवस्था भी करायी जा रही है। इसके अलावा कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार में भी बी-2 बाज़ार की सथापना की गयी है ताकि वनों के आस-पास रहने वाली थारू जनजाति के हस्तशिल्पों को नई पहचान दिलायी जा सके। मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने भी विकास के क्षेत्र में अर्जित की गयी उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।

अभिनव प्रयोगों को इसी प्रकार से जारी रखने पर बल दिया

केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी ने नीति आयोग द्वारा निर्धारित सूचकांको कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, वित्तीय समावेश, इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रगति की समीक्षा करते हुए जनपद में उपलब्ध मानव संसाधनों की स्थिति, गैर सरकारी संगठनों तथा डेवलपमेन्ट पार्टनर्स के विभागों के समन्वय की स्थिति, गुडवर्क के कारण प्राप्त पुरस्कार राशि, रैंक के आधार पर तथा प्राप्त हुई अतिरिक्त धनराशि के सदुपयोग की स्थिति के बारे में समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अभिनव प्रयोगों को इसी प्रकार से जारी रखने पर बल दिया।

इस अवसर पर सीएमओ एस.के. सिंह, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार आईएएस, डीडीओ राजेश कुमार मिश्र, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार सिंह, डीडी एग्री टी.पी. शाही, डीआईओएस डा. चन्द्रपाल, डीसी एनआरएलएम संजय सिंह, डीसी मनरेगा के.डी. गोस्वामी, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार, बीएसए अजय कुमार, डॉ. पीयूष नायक चिकित्साधिकारी आयुर्वेद सहित अन्य मौजूद रहे।

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