रामपुर: धर्म की रक्षा के लिए हुई उदासीन संप्रदाय की हुई स्थापना

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रामपुर, अमृत विचार। बगिया जोगीराम में संत समागम के दूसरे दिन महंत दुर्गादास महाराज ने श्री चन्द्र भगवान के वाल्यावस्था की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने बताया की बाबा श्री चन्द्र का जन्म आठ सितंबर 1494 को पंजाब के कपूरथाला जिला सुल्तानपुर लोधी में हुआ था। वह श्री गुरुनानक देव जी के जयेष्ठ पुत्र थे। …

रामपुर, अमृत विचार। बगिया जोगीराम में संत समागम के दूसरे दिन महंत दुर्गादास महाराज ने श्री चन्द्र भगवान के वाल्यावस्था की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने बताया की बाबा श्री चन्द्र का जन्म आठ सितंबर 1494 को पंजाब के कपूरथाला जिला सुल्तानपुर लोधी में हुआ था। वह श्री गुरुनानक देव जी के जयेष्ठ पुत्र थे। उन्होंने काफी जगहों पर भ्रमण किया था, और धर्म की रक्षा के लिए उदासीन संप्रदाय के इस अखाड़े की स्थापना की थी।

तिलक कालोनी नगर में बने मन्दिर बगिया जोगीराम में पूज्यपाद संत अद्वैत पंचपरमेश्वर निर्वाण (भ्रमणशील मंडल),  पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महन्त दुर्गादास जी एवं समस्त साधुओं ने सुबह चार बजे श्री चन्द्र भगवान को स्नान कराकर फूल माला अपर्ण की। पांच बजे चंद्र भगवान की आरती विधि विधान के अनुसार आरम्भ की। उसके बाद दुर्गादास महाराज ने श्री चन्द्र भगवान के वाल्यावस्था का महिमा मंडन किया, बताया की बाबा श्री चन्द्र का जन्म आठ सितंबर 1494 को पंजाब के कपूरथाला जिला सुल्तानपुर लोधी में हुआ था।

वह श्री गुरुनानक देव जी के जयेष्ठ पुत्र थे। जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए उदासीन सम्प्रदाय की स्थापना की थी। इनकी माता का नाम सुलखनी था। लोग उन्हें भगवान शिव का अवतार मानते हैं। श्री चन्द्र भगवान ने जहांगीर से मुलाकात की और उसे चमत्कार दिखाकर ईश्वर की ताकत का अहसास कराया। बाबा ने बड़े होने पर तिब्बत, कश्मीर, सिन्ध, काबुल, कंधार, अफगानिस्तान, गुजरात, पुरी आदि जाकर सिद्ध साधु संतों के दर्शन किए। सुबह की आरती में समस्त साधुओं के साथ बाबा बंसी वाले, सेवा समिति के विवेक सक्सेना, अनिल सक्सेना, संजीव दयाल सक्सेना, सुरेश, गोपाल शर्मा, बहादुर, अनुजसक्सेना आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

सुबह से भक्तों का लगा रहा तांता
बड़ा उदासीन अखाड़े के करीब चालीस साधु संतों की एक टोली बुधवार को बगिया जोगीराम में पहुंची। साधु संतों के रामपुर आने के की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग सुबह से काफी संख्या में बाबा से मिलने पहुंच रहे है। इस दौरान भक्त प्रसाद चढ़ाकर उनका आर्शीवाद प्राप्त कर रहे हैं। इस तरह से सुबह से ही भक्तों की लाइन रहीं।

साधु संतों का मुख्य उदेश्य भ्रमण सभी जगहों पर भ्रमण रहना
बाबा बंसी वाले, सेवा समिति के महामंत्री संजीव दयाल सक्सेना का कहना है कि यह बड़ा उदासीन अखाड़े के यह साधु संतों की एक टोली हमेशा भ्रमण पर रहती है। इनके जितने भी स्थान हैं। उन सभी जगहों पर घूमते हैं। वहां पर कई कई दिन तक ठहरते हैं। इस समय यह टोली देश भर के भ्रमण के लिए निकली है।

शंखनाद से गूंजा वातावरण
साधु-संतों ने संत समागम में सुबह सुबह जैसे ही शंखनाद किया, पूरा इलाका गूंज गया। श्री चंद भगवान की आरती के साथ ही शंखनाद किया गया। घंटा और मजीरा बजाकर पूजा और भजन कीर्तन भी किया गया। इस दौरान बड़ी श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।

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