भाजयुमो नेता की मौत फंदे से लटकने के कारण हुई : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
कोलकाता। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता अर्जुन चौरसिया के शव की ऑटोप्सी रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उनकी जान फंदे से लटकाने के कारण गई थी और उनके गले पर मौजूद निशान ‘एंटी-मॉर्टम’ प्रकृति का था यानी यह मौत से पहले बना था। चौरसिया की ऑटोप्सी कोलकाता के कमांड हॉस्पिटल में की …
कोलकाता। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता अर्जुन चौरसिया के शव की ऑटोप्सी रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उनकी जान फंदे से लटकाने के कारण गई थी और उनके गले पर मौजूद निशान ‘एंटी-मॉर्टम’ प्रकृति का था यानी यह मौत से पहले बना था। चौरसिया की ऑटोप्सी कोलकाता के कमांड हॉस्पिटल में की गई थी।
इसकी रिपोर्ट मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई। अदालत ने शुक्रवार को आदेश पारित कर पोस्ट मॉर्टम करने को कहा था। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि चौरसिया की मौत के कारणों से जुड़ी पड़ताल के अनुसार, उनकी जान “लटकाने” के कारण गई और उनके गले पर मौजूद किसी चीज से बांधे जाने के निशान ‘एंटी-मॉर्टम’ प्रकृति के यानी मौत से पहले के हैं।
अदालत ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी को सौंपने का निर्देश दिया। इसके साथ ही विसरा के नमूने को संबंधित पुलिस अधिकारियों के हवाले करने का आदेश दिया गया। चौरसिया का शव छह मई को उत्तरी कोलकाता के काशीपुर में एक खाली रेलवे क्वार्टर से बरामद हुआ था। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि पोस्टमॉर्टम सेना के कमांड हॉस्पिटल में कराया जाए।
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