पानी और चारे के लिये राजस्थान के किसानों ने मवेशियों संग इटावा में जमाया डेरा
इटावा। राजस्थान में पानी और चारे के संकट के चलते बड़ी संख्या में किसान अपने मवेशियों को लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा में डेरा जमाये हुये हैं। किसान बड़ी संख्या में अपने अपने ऊंट, भेड़ ओर बकरियों को लेकर आये हुए है। चारे और पानी के संकट से जूझ रहे राजस्थान के किसानो का मवेशियों …
इटावा। राजस्थान में पानी और चारे के संकट के चलते बड़ी संख्या में किसान अपने मवेशियों को लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा में डेरा जमाये हुये हैं। किसान बड़ी संख्या में अपने अपने ऊंट, भेड़ ओर बकरियों को लेकर आये हुए है।
चारे और पानी के संकट से जूझ रहे राजस्थान के किसानो का मवेशियों के साथ झुंड उस समय देखा गया जब योगी सरकार के कौशल विकास और व्यवसायिक शिक्षा राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल खेडाहेलू गांव मे जन चौपाल करके वापस लौट रहे थे।
कहा जा रहा है कि राजस्थान के कई जिलों मे इन दिनो पानी और चारे का खासा संकट आ खडा हुआ है। इसी मजबूरी के चलते बडी तादाद मे किसान अपने मवेशियो को लेकर दूसरे राज्यो की शरण लेने मे जुटे हुए है। इनमें से ज्यादातर जोधपुर आदि जिलों के निवासी है ।
यह कोई पहला मौका नही है जब किसान परिवार के साथ मवेशी लेकर आये हुए हो। इससे पहले भी चरवाहे इटावा आते रहे है। फिलहाल ये सभी किसान अपने अपने मवेशियों को लेकर के बसरेहर विकासखंड में चारे और पानी की तलाश में शरण पाए हुए हैं ।
खेडाहेलू,कुसैली,पत्तापुरा,मिलकिया,दिमार,डुढहा,बख्तयारपुर आदि गांव मे राजस्थान के किसानो ने इन दिनों चारे और पानी की तलाश मे शरण पाये हुए देखे जा रहे है। मवेशी तालाब आदि में पानी पीकर अपनी प्यास बुझाने मे जुटे हुए है।
स्थानीय गांव वाले भी राजस्थान से आये किसानों के मवेशियों को पानी और चारे का इंतजाम कराने मे जुटे हुए देखे जा रहे है। असल मे उसर भूमि या फिर तालाबों के आसपास यह किसान अपने अपने मवेशियों के साथ शरण लेते है।जिससे मवेशियों का पानी और चारा पर्याप्त मात्रा में मिलता रहे।
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