सावधान! ये फूल कहीं आपको न बना दे FOOL, महाराष्ट्र से हल्द्वानी पहुंचे सैकड़ों घूमंतू , सत्यापन तो दूर पुलिस को भनक तक नहीं
हल्द्वानी, अमृत विचार। महाराष्ट्र के नासिक से 100 से अधिक लोग हल्द्वानी पहुंच गए लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसा तब है जब सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी जिले के दौरे पर हों। उत्तराखंड में रोहिंग्या मुसलमानों के घुसपैठ का खुफिया विभाग पहले ही इनपुट दे चुका है। इसी आधार पर प्रदेश …
हल्द्वानी, अमृत विचार। महाराष्ट्र के नासिक से 100 से अधिक लोग हल्द्वानी पहुंच गए लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसा तब है जब सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी जिले के दौरे पर हों। उत्तराखंड में रोहिंग्या मुसलमानों के घुसपैठ का खुफिया विभाग पहले ही इनपुट दे चुका है। इसी आधार पर प्रदेश भर के साथ-साथ नैनीताल जिले में भी पुलिस ने दस दिन तक विशेष सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध भी पुलिस को मिले। नैनीताल में 21 मार्च को तल्लीताल क्षेत्र में पश्चिम बंगाल के तीन संदिग्ध परिवार बिना सत्यापन रहते हुए मिले।

ऐसे में नासिक महाराष्ट्र से इतनी बड़ी संख्या में बगैर सत्यापन के हल्द्वानी में रह रहे लोगों ने थाना और कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आप यह जानकार हैरान रह जाएंगे कि पिछले पांच- छह दिनों से हल्द्वानी में नासिक महाराष्ट्र से 100 से अधिक लोग फूल बेचने पहुंच गए लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में सत्यापन की बात तो बहुत दूर है।
रविवार को हल्द्वानी कोतवाली से महज 100 मीटर की दूरी पर नासिक से आईं महिलाएं और युवक सिर पर टोकरी लिए डंठल जैसे रंग बिरंगे तनों को बेचते नजर आए। पूछने पर डंठल बेचने वालों ने एक एलबम दिखाई जिसमें ट्यूलिप के रंगबिरंगे फूल और पौंधों की फोटो लगी थी। दरअसल यह पौधा ट्यूलिप का नहीं बल्कि जलकुंभी का है। जलकुंभी का पौधा आमतौर पर कहीं भी किसी भी तालाब में खुद उग जाता है। ऐसे में रंगबिरंगे डंठलों को देखकर हर कोई इन्हें खरीदने को मजबूर हो जा रहा है।
जानकार भी बताते हैं कि ट्यूलिप का पौधा पहाड़ों में उग सकता है। ये घूमंतू महिलाएं और युवक टब में जो तने बेच रहीं हैं यह ट्यूलिप के नहीं हैं। अमृत विचार की टीम के सवाल पर फूल बेचने वालों ने बताया कि पांच- छह दिन पहले नासिक से करीब 120 से अधिक लोग हल्द्वानी पहुंचे हैं। यहां काठगोदाम क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। अभी तक पुलिस से उनका सामना नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने फूल का नाम गुलजार बताया।
बताते चलें कि कुछ दिन पहले फूल बेचने वाले लोगों का ऐसा ही एक दल देहरादून के बंजारवाला, मोहकमपुर, घंटाघर, रायपुर रोड समेत कई इलाकों में पहुंचा था। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल भी उठाए थे। फूल खरीद रहे काफलीगैर, बागेश्वर निवासी जीवन सिंह रौतेला ने बताया कि पहली बार इस फूल को देखा है। फूल बेचने वाली अम्मा ने बताया कि इस फूल का नाम गुलजार है। 100 रुपये के पांच मिल रहे हैं। अब ये सही निकलेगा या नहीं यह तो भगवान ही जाने।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट के मुताबिक, जिले में सत्यापन का अभियान बड़े स्तर पर चल रहा है। अब तक 14 हजार लोगों के सत्यापन हो चुके हैं। अगर कोई व्यक्ति यह कह रहा है कि पुलिस उन तक नहीं पहुंची है तो निश्चित तौर पुलिस उन तक भी पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि सत्यापन कराने के लिए लोगों को भी खुद ही आगे आने चाहिए वरना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।
