लखीमपुर-खीरी: गर्दन पर लटकी तलवार तो खुद को बचाने में जुटे अफसर
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। सिगांही थाने में हुई वेबसीरीज की शूटिंग मामले ने अब तूल पकड लिया है। इसको लेकर जिले के बडे अफसरों के पास कोई जवाब नही है। वहीं एसडीएम निघासन का कहना है कि हमने थाना परिसर में फिल्म के शूटिंग की परमीशन नही दी थी। जबकि उनका साइन किया एक लेटर सोशल …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। सिगांही थाने में हुई वेबसीरीज की शूटिंग मामले ने अब तूल पकड लिया है। इसको लेकर जिले के बडे अफसरों के पास कोई जवाब नही है। वहीं एसडीएम निघासन का कहना है कि हमने थाना परिसर में फिल्म के शूटिंग की परमीशन नही दी थी। जबकि उनका साइन किया एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारों का कहना है कि पुलिस स्टेशन को फिल्मी शूटिंग के लिए देना कानून के खिलाफ है।
गुरुवार को सिंगाही थाने में हुई वेब सीरिज की शूटिंग अफसरों के गले की फांस बन गई है। अब वह अपने बचाव में अलग अलग बयानबाजी कर रहें हैं। एसपी संजीव सुमन का कहना है कि वेब सीरिज शूटिंग की परमिशन एसडीएम निघासन श्रद्धा सिंह ने दी थी तो वहीं एसडीएम ने थाना परिसर में फ़िल्म की शूटिंग की परमिशन देने से साफ इनकार किया है।
उनका कहना है,कि वेबसीरिज की के लिए हमारे पास आवेदन आया था जिस पर हमने कस्बे के कुछ जगहों पर शूटिंग की परमिशन नियमों के तहत दी थी लेकिन थाना परिसर में शूटिंग की इजाजत नही दी। अब सवाल यह उठता है कि जिले के एक थाने में फिल्म की शूटिंग हो जाती है और अफसरों को इसकी भनक तक नही होती है। या फिर सब जानकर अंजान बनने की कोशिश करते हैं।
थाना सिंगाही क्षेत्र के गांव मांझा निवासी एक युवक वेब सीरीज की शूटिंग कर रहा है। यह शूटिंग करीब 15 दिनों से अलग -अलग जगहों पर की जा रही है। गुरुवार को यह शूटिंग थाना सिंगाही में कराई गयी थी। थाना परिसर में शूटिंग करीब पांच घंटे से अधिक समय तक चली। कलाकारों ने एसओ आवास व उसके आसपास थाना बनाया। पास में ही मालखाना भी बनाया। बताते है की शूटिंग के दौरान एसओ राजकुमार सरोज भी मौजूद थे।
पूरा स्टाफ शूटिंग का बड़े ही चाव से आनंद लेता रहा। शूटिंग के दौरान किसी को थाना परिसर में जाने की इजाजत नहीं दी गयी। करीब पांच घंटे तक वेब सीरीज के कलाकारों का थाना परिसर पर कब्जा रहा था। फ़िल्म की शूटिंग की जानकारी तब हुई जब शनिवार को अचानक एसपी संजीव सुमन थाना सिंगाही का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हे थाने में वेब सीरिज की शूटिंग करने की जानकारी हुई। इस पर उन्होंने एसओ को जमकर फटकार लगाई थी।
आखिर सीओ ने क्यों बोला झूठ
शनिवार को थाने में फ़िल्म की शूटिंग को लेकर सीओ निघासन सुबोध कुमार जायसवाल से जब अमृतविचार के संवाददाता ने फोन पर पूछा की क्या सिंगाही थाने में फिल्म की शूटिंग हुई है। तो उन्होंने कहा कि ऐसी मुझे कोई जानकारी नही है। अगर ऐसा हुआ है तो यह गलत है। थाना में फ़िल्म की शूटिंग एक अपराध है। लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद सीओ के सुर अचानक बदल गए और अब कह रहे हैं, कि फ़िल्म की शूटिंग हुई थी लेकिन वह थाना परिसर के पीछे हुई है। थी आखिर सीओ ने शनिवार को झूठ क्यों बोला यह बड़ा सवाल है। क्या वह इस मामले को दबाना चाहते थे।
बड़े बड़े शहरों में थानों और सरकारी भवनों में हो जाती शूटिंग-सीओ
अपने बयानों में फसे सीओ निघासन ने अब नया सगूफ़ा छोड़ दिया है। उनका कहना है कि थानों में फिल्म की शूटिंग करना कोई अपराध नही है। बड़े बड़े शहरों में थानों और सरकारी भवनों में फिल्मों की शूटिंग होती है। बस उसके लिए परमिशन जरूरी होती है। अब इनका यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।
जब नही थी परमीशन तो थाने में कैसे हो गई शूटिंग
इसे अफसरों की लापरवाही कहें यह ओअर कांफिडेंस थाने में बिना परमिशन वेबसीरीज की शूटिंग हो जाती है। और अफसरों को जानकारी नही होती इससे जाहिर होता है कि अपराधों पर लगाम क्यों नही लग पा रही है। जब पुलिस की इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है तो वारदातें होना लाजमी है।
इसे भी पढ़ें- लखीमपुर-खीरी: मूंछों पर ताव देते कोर्ट पहुंचा आशीष मिश्र, वायरल हुआ वीडियो
