राजपक्षे परिवार से कोई राष्ट्रपति तो क्या, सांसद तक नहीं बन सकता: विक्रमसिंघे

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कोलंबो। श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि राजपक्षे परिवार में से कोई भी व्यक्ति देश का राष्ट्रपति क्या, कभी सांसद तक नहीं बन सकता। ‘द आइलैंड’ अखबार ने विक्रमसिंघे के हवाले से बीबीसी सिंहला सर्विस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा स्थिति में, सत्ता में या बाहर कोई भी …

कोलंबो। श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि राजपक्षे परिवार में से कोई भी व्यक्ति देश का राष्ट्रपति क्या, कभी सांसद तक नहीं बन सकता। ‘द आइलैंड’ अखबार ने विक्रमसिंघे के हवाले से बीबीसी सिंहला सर्विस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा स्थिति में, सत्ता में या बाहर कोई भी राजपक्षे एक बार फिर संसद में प्रवेश करने की उम्मीद नहीं कर सकता, राष्ट्रपति होने की तो बात ही छोड़िए।

उन्होंने यह बात इस आरोप के जवाब में कहा कि ‘राजपक्षे परिवार की गरिमा’ को बचाए रखने के लिए उन्हें (विक्रमसिंघे) प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है, जब तक कि राजपक्षे परिवार का कोई अन्य सदस्य अगला राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ता। प्रधानमंत्री ने देश के मीडिया संस्थानों पर राजपक्षे परिवार के सदस्यों को ‘हीरो’ बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,“उन्हें मीडिया द्वारा लाया गया था। मैंने उन्हें नहीं लाया, इसलिए जाकर मीडिया से पूछें। जायें और श्रीलंकाई मीडिया से पूछें कि उन्हें वापस लाया गया या नहीं।

आप मुझे क्यों देख रहे हैं? मैंने कुछ भी गलत नहीं किया।” उन्होंने कहा,“मैंने उनके खिलाफ लगभग 380 मामले दर्ज किए, मुझे लगता है, लगभग 300 फाइलें। मैंने कभी उन्हें हीरो नहीं कहा । मुझे एक भी मीडिया संस्थान बताएं जिसने गोतबाया राजपक्षे को वोट न देने के लिए कहा हो। तो कृपया जाकर उनसे पूछिए।” उन्होंने कहा,“जब मैंने कहा कि हमें अगले दो वर्षों के लिए सात अरब डॉलर की आवश्यकता है। जब मैंने कहा कि मुझे पश्चिम में जाकर आईएमएफ में झूठा कहा गया। मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया ने मुझे बर्बाद कर दिया। तो अंत में मैंने जो कहा वह सही था। तो मुझसे मत पूछें कि मैंने क्या किया।

मैंने देश की यह स्थिति नहीं बनाई।” विक्रमसिंघे ने कहा,“जब उन्हें सत्ता में वापस लाया गया, तो मीडिया ने कहा कि उनके खिलाफ ये मामले झूठे थे। आप उस सवाल को पूछने से डरते हैं जो मुझसे पूछने वाले मीडिया से पूछे जाने की जरूरत है। कृपया पूछने के लिए मीडिया के पास जाएं।

मैंने (राजपक्षों की) मदद नहीं की।” गौरतलब है कि गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में एक हफ्ते पहले हिंसा और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच श्री महिंदा राजपक्षे के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विक्रमसिंघे को श्रीलंका का नया प्रधानमंत्री नामित किया गया है।

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