बाराबंकी: नागेश्वर नाथ मंदिर पर लगा मेला, पुराने हनुमान मंदिर पर भी भक्तों का तांता
बाराबंकी। कोरोना दंश के बाद पूरा उत्तर भारत आज जेठ मास के पहले बड़े मंगल को बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। जिसको लेकर बाराबंकी जिले के हनुमान मंदिर और आसपास भंडारों के पंडाल सजकर तैयार हैं। चारों तरफ लग रहे बजरंगबली के जयकारों से मंदिर समेत जनपद की समस्त मुख्य सड़कें …
बाराबंकी। कोरोना दंश के बाद पूरा उत्तर भारत आज जेठ मास के पहले बड़े मंगल को बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। जिसको लेकर बाराबंकी जिले के हनुमान मंदिर और आसपास भंडारों के पंडाल सजकर तैयार हैं। चारों तरफ लग रहे बजरंगबली के जयकारों से मंदिर समेत जनपद की समस्त मुख्य सड़कें गुंजायमान है। आज सुबह से ही बड़ी संख्या में नागेश्वर नाथ मंदिर में मौजूद बजरंगबली के दर्शन को लोग पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचे हुए भक्तों का मानना है कि हनुमान जी कलियुग के मुख्य देवता है। इनकी आराधना से त्वरित का लाभ मिलता है। बड़ी संख्या लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए बजरंगबली पर सिंदूर चढ़ाकर भव्य भंडारों का आयोजन करते हैं। धनोखर स्थित पुराने हनुमान मंदिर पर भी भक्तों का तांता लगा हुआ है।
50 दशकों से लगता है बड़ा मेला
जिले के नागेश्वरनाथ मंदिर पर बड़े मंगल के उपलक्ष्य पर पिछले 50 वर्षों से एक बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें छोटे बच्चों के लिए खेल सामग्री व चाट पकौड़ी समेत भोग प्रसाद की बड़ी दुकानें लगती हैं। जिन पर स्थानीय लोग पहुंच कर खरीदारी करते हैं।
शहर भर में भंडारों का आयोजन
आज हनुमान जी के पवित्र जेठ मास के पहले बड़े मंगल पर जिले की प्रत्येक मुख्य सड़क पर श्रद्धालुओं के लिए बड़े-बड़े भंडारों का आयोजन है। जिनमें कहीं पूड़ी प्रसाद तो कहीं तरह-तरह के शीतल पेय पदार्थों का वितरण किया जा रहा है।
सिंदूर चढ़ाते है भक्त
मंदिर पहुंचे बहुत से भक्तों का मानना है कि उनके रुके हुए कार्य बजरंगबली को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चढ़ाने से पूर्ण हो जाते हैं। हनुमान जी को लाल वस्त्र,लाल सिंदूर व लाल फुल अत्याधिक पसंद है। उनके वस्त्रों का रंग भी लाल होता है।
तुलसी का विशेष महत्व
मंदिर में नित्य पूजा करने आने वाले पुजारी मोहित शुक्ला बताते हैं कि हनुमान जी की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। बजरंगबली को बेसन के लड्डू और बूंदी के लड्डू के साथ तुलसी पत्र चढ़ाया जाता है। तुलसी पत्र चढ़ाने से हनुमान जी प्रसन्न होकर इच्छित वर प्रदान करते हैं। इसलिए मंदिर आए भक्तों को प्रसाद के साथ-साथ तुलसी पत्र भी बाबा को अर्पित करना चाहिए।
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