हल्द्वानी में कमिश्नर दीपक रावत ने पकड़ा जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का ‘खेल’, सिटी मजिस्ट्रेट की लगी ‘क्लास’

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हल्द्वानी, अमृत विचार। अगर हल्द्वानी या आसपास के क्षेत्र में कोई आम आदमी अपने घर की मरम्मत भी कराना शुरू कर दे तो जिला विकास प्राधिकरण और दूसरे जिम्मेदार विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचने और जुर्माना ठोकने में जरा सी भी देर नहीं लगाते। लेकिन जब नियमों को ताक पर रखकर कोई …

हल्द्वानी, अमृत विचार। अगर हल्द्वानी या आसपास के क्षेत्र में कोई आम आदमी अपने घर की मरम्मत भी कराना शुरू कर दे तो जिला विकास प्राधिकरण और दूसरे जिम्मेदार विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचने और जुर्माना ठोकने में जरा सी भी देर नहीं लगाते।

नैनीताल रोड पर भोटियापड़ाव डाकघर के पास बन रहे इसी सील किए गए व्यावसायिक भवन में धड़ल्ले से चलता मिला काम।

लेकिन जब नियमों को ताक पर रखकर कोई बहुमंजिला व्यावसायिक भवन बन रहा हो तो जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारी आंख मूंद कर बैठ जाते हैं। मालदार पार्टी के सामने जिम्मेदार सरकारी अधिकारी अपनी आंखें क्यों मूंद लेते हैं, यह किसी से छुपा नहीं है।

बहरहाल ऐसा ही एक मामला आज उस वक्त सामने आया जब कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपने दफ्तर से निकलकर नगर निगम से नवाबी रोड और ठंडी सड़क पर बहने वाली नहर के निरीक्षण को निकले थे। नहरों के निरीक्षण के बाद कुमाऊं कमिश्नर नैनीताल रोड पर पहुंचे।

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि जिस बहुमंजिला व्यावसायिक भवन को जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने कुछ महीने पहले नियम ताक पर रखने की वजह से सील किया था, उसमें धड़ल्ले से मजदूर काम कर रहे थे। आम लोगों की नजर को धोखा देने के लिए नैनीताल रोड की तरफ से इमारत को टीन की चादरों से ढका गया था लेकिन भोटिया पड़ाव डाकघर की तरफ से यहां धड़ल्ले से काम चलता मिला। मुख्य मार्ग पर स्थित इस मॉल में अंदरखाने से निर्माण चलता रहा लेकिन सरकारी महकमे के लोगों को कुछ पता ही नहीं लगा।

इससे साफ है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से सबकुछ पहले से ही तय हो गया था। बहरहाल आज नियम विरुद्ध निर्माण कार्य चलता तो कमिश्नर दीपक रावत ने मौके पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह की क्लास भी लगाई। उन्होंने कहा कि आखिर सील भवन में निर्माण कार्य चल रहा है, इसकी खबर उन्हें क्यों नहीं है। जब अधिकारी अपने दफ्तर से निकलेंगे ही नहीं तो शहर में यही सब होता रहेगा।

उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय और संबंधित अधिकारियों के मौके पर अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी जताई। उन्होने निर्देश दिए कि जब से जिला विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आया है तब से वर्तमान तक निर्मित व्यावसायिक भवनों की पार्किंग व्यवस्था समेत हल्द्वानी के अन्य इलाकों में नियमों को ताक पर रखने वाले निर्माण कार्यों की रिपोर्ट भी प्राधिकरण के अधिकारी दें।

बताते चलें कि नैनीताल रोड ही नहीं हल्द्वानी की बरेली रोड, रामपुर रोड और कालाढूंगी रोड पर भी ऐसे तमाम व्यावसायिक मॉल और कॉम्प्लेक्स हैं जिन्होंने समय समय पर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया लेकिन उन पर कभी भी जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की नजरे टेढ़ी नहीं हुई। हां कुछ एक मामलों में नोटिस चस्पा करने की दिखावटी कार्रवाई जरूर हुई।

अब देखना होगा कि व्यावसायिक भवनों की खामियां देखने के बाद जो सख्ती आज कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मौके पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के सामने दिखाई है, उसका कुछ नतीजा भी दिखेगा। जब तक बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों की खामियों पर आंखें मूंदने वाले और नियम तोड़ने का लाइसेंस बांटने वाले जिला विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे निरीक्षण से कुछ हासिल भी नहीं होगा।

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