हल्द्वानी: पीठ से निकाली गोली, दूल्हे की जान सलामत

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हल्द्वानी, अमृत विचार। जयमाला कार्यक्रम में चली गोली से घायल दूल्हे की हालत खतरे से बाहर है। दूल्हे की पीठ में फंसी गोली को भी बाहर निकाल लिया गया है। इसे हर्ष फायरिंग माना जा रहा था, लेकिन अब परिजनों ने सुनियोजित षड़यंत्र का आरोप लगाया है। फिलहाल मुक्तेश्वर पुलिस ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ …

हल्द्वानी, अमृत विचार। जयमाला कार्यक्रम में चली गोली से घायल दूल्हे की हालत खतरे से बाहर है। दूल्हे की पीठ में फंसी गोली को भी बाहर निकाल लिया गया है। इसे हर्ष फायरिंग माना जा रहा था, लेकिन अब परिजनों ने सुनियोजित षड़यंत्र का आरोप लगाया है। फिलहाल मुक्तेश्वर पुलिस ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू कर दी है।

मूलरूप से देवीधुरा चम्पावत निवासी विजय सिंह की शादी सुनकोट धारी मुक्तेश्वर में तय हुई थी। विजय हल्द्वानी में एक दंत चिकित्सक के क्लीनिक में काम करता है। बीती 16 मई को बारात सुनकोट पहुंची। जयमाला की तैयारियां चल रही थीं और उससे पहले छत पर दूल्हा-दुल्हन का फोटो सेशन चल रहा था।

तभी किसी ने दूल्हे पर पीछे से गोली चला दी और गोली उसकी पीठ में जा घुसी। घायल दूल्हे को पास के अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजनों ने दूल्हे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन के जरिये पीठ में फंसी गोली निकाल ली गई।

चिकित्सकों का मानना है कि अब वह पूरी तरह सुरक्षित है। इधर, मामले की जांच में जुटी मुक्तेश्वर पुलिस के हाथ फिलहाल खाली हैं। पुलिस ने विजय के भाई अजय लमगड़िया की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अजय का कहना है कि यह हर्ष फायरिंग नहीं है। बल्कि किसी ने जानबूझकर विजय को गोली मारी है।

एक भी बाराती नहीं ले गया था असलहा
हल्द्वानी। विजय के भाई अजय का कहना है कि विजय बहुत सीधा लड़का है और उसकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है कि कोई उस पर जानलेवा हमला करे। उन्होंने हर्ष फायरिंग की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बारातियों में ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं था, जो अपने साथ असलहा ले गया हो और उनकी जानकारी में किसी बाराती के पास घर में भी लाइसेंसी असलहा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है।

दुल्हन बोली, किसी से नहीं है उसका अफेयर
हल्द्वानी। इस घटना से पहले लड़के के भाई अजय ने लड़की से बात की थी। उन्होंने लड़की से पूछा था कि वह इस शादी के लिए राजी है या नहीं। या फिर ऐसा तो नहीं कि वह किसी और से प्यार करती है और जबरन शादी करनी पड़ रही हो। इन सवालों के जवाब में लड़की ने कहा कि वह किसी से प्यार नहीं करती है और वह इस होने वाले रिश्ते से खुश है। सवाल ये है कि जब किसी से दुश्मनी नहीं है और लड़की को किसी और से प्यार नहीं तो गोली किसने चलाई।

कौन छिपा खड़ा था केले के पेड़ की आड़ में
हल्द्वानी। छत पर चल रहे फोटो सेशन के दौरान कुछ ऐसी तस्वीरें कैद हुईं, जो सवाल और शक पैदा कर गई। दूल्हे के पीठ में गोली लगी है और पीठ की ओर छत से कुछ दूरी पर केले के कई पेड़ लगे थे। फोटो सेशन के दौरान केले के पेड़ों की तस्वीर भी कैद हुई और इस तस्वीर में एक युवक भी दिखाई दिया। जो पहले दूल्हा-दुल्हन की ओर पीठ करके बैठा था और फिर केले के पेड़ की आड़ में छिपा दिखाई दिया। इस पर परिजनों का शक गहरा रहा है।

खुलासे तक तो शादी का सवाल नहीं उठता
हल्द्वानी। अजय का कहना है कि वह लड़की को इसके लिए दोषी नहीं ठहराना चाहते, लेकिन ये भी सच है कि उनके भाई पर गोली चलाई गई है। गनीमत रही कि गोली किसी ऐसे स्थान पर नहीं कि जान पर बनती, लेकिन इस घटना ने मन में कई शंकाओं को जन्म दे दिया है। फिलहाल तो शादी टाल दी गई है और अब ये शादी तब तक नहीं हो सकती, जब तक गोली चलाने पकड़ा नहीं जाता और यह पता नहीं लगता कि उसने विजय पर गोली क्यों चलाई।

रिवॉल्वर या देसी कट्टे से चलाई गई गोली
हल्द्वानी। इतना तो साफ है कि दूल्हे को लगी गोली किसी बड़े असलहे से नहीं चलाई गई और यह भी साफ है कि दूल्हे की पीठ से निकाली गई गोली या तो 315 बोर की है या फिर 32 बोर की। 315 बोर का इस्तेमाल राइफल में किया जाता है जो समारोह में थी नहीं। अगर ये राइफल से चलती तो मौके पर खोखा मिलता। माना जा रहा है कि 315 का फायर देसी कट्टे से किया गया होगा। संभावना ये भी है कि ये 32 बोर हो और गोली रिवॉल्वर से चली हो।

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