कानपुर : आईआईटी का कमाल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बिजली के जरूरत की हो सकेगी जानकारी
कानपुर । भविष्य में बिजली की कितनी जरूरत होगी, कितना लोड बढ़ जाएगा, इसकी जानकारी कुछ ही पल में मिल जाएगी। सिर्फ यही नहीं बिजली गुल होते ही आधे घंटे के अंदर सप्लाई चालू हो सकेगी। यह तरीका बुधवार को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी संस्थानों और बिजली प्रदाता कंपनियों के प्रतिनिधियों को …
कानपुर । भविष्य में बिजली की कितनी जरूरत होगी, कितना लोड बढ़ जाएगा, इसकी जानकारी कुछ ही पल में मिल जाएगी। सिर्फ यही नहीं बिजली गुल होते ही आधे घंटे के अंदर सप्लाई चालू हो सकेगी। यह तरीका बुधवार को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी संस्थानों और बिजली प्रदाता कंपनियों के प्रतिनिधियों को इंटेलीजेंट पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर आयोजित कार्यशाला में बताया।
इसका उद्घाटन डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो.एआर हरीश, प्रो.डीन रिसोर्स एंड एल्युमिनाई प्रो.कानतेश बलानी और आईआईटी लाट्रॉबे रिसर्च अकादमी के निदेशक प्रो.एससी श्रीवास्त ने किया। कार्यशाला के ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर प्रो.अंकुश शर्मा और प्रो.आलोक रंजन वर्मा हैं। प्रो.अंकुश शर्मा ने बताया कि बिजली सप्लाई में एडवांस सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
आगे चलकर सब स्टेशन, सब डिवीजन के उपकरण काफी स्मार्ट होंगे, जिसमें फॉल्ट, गड़बड़ी और अन्य तकनीकी खराबियों का अपने आप पता लग जाएगा। आईआईटी कानपुर भी कई सेंसर विकसित कर रहा है, जिससे अधिकतम आधे घंटे ही बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। गर्मियों में लोड की समस्या आ जाती है। कंपनियों सप्लाई के लिए अतिरिक्त लोड बढ़ती है।
बिजली कम मिलने पर कटौती करना पड़ता है। इसका आकलन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग से हो जाएगा। पुराने आंकड़ों की आवश्यकता होगी। सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली को किस तरह से संरक्षित किया जा सके, उस पर चर्चा हुई। आईआईटी गुवाहाटी, त्रिची, रोपर, खड़गपुर, केस्को, स्काडा समेत बिजली प्रदाता कंपनियों के विशेषज्ञ शामिल हुए। यह कार्यशाला 22 मई तक चलेगी।
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