22 मई को हल्द्वानी में एकजुट होंगे देवभूमि के जाने-माने कवि और साहित्यकार, छह पुस्तकों का होगा विमोचन
हल्द्वानी, अमृत विचार। अगर आप साहित्य और काव्य रस के शौकीन हैं तो आने वाली 22 मई को आपकी यह ख्वाहिश पूरी होने जा रही है। हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड स्थित जीजीआईसी के सभागार में प्रदेश भर से जाने माने लेखक, साहित्यकार और कवि एकजुट होने जा रहे हैं। कार्यक्रम में कुमाऊं के प्रख्यात लेखकों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। अगर आप साहित्य और काव्य रस के शौकीन हैं तो आने वाली 22 मई को आपकी यह ख्वाहिश पूरी होने जा रही है। हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड स्थित जीजीआईसी के सभागार में प्रदेश भर से जाने माने लेखक, साहित्यकार और कवि एकजुट होने जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कुमाऊं के प्रख्यात लेखकों की 06 पुस्तकों का विमोचन भी होगा। इनमें पांच पुस्तकें कुमाऊंनी भाषा और एक पुस्तक हिंदी में है। कुमाऊंनी लेखकों में जगदीश जोशी की “मेरि लेखी चिट्ठि म्यारै नाम”, देवकी महरा की “यादों बर्यात”, तारा पाठक की “मनक निशाश”, डॉ. भगवती पनेरू की “भावूँकि बौछार, इकचालीस बार”, डॉ. प्रदीप उपाध्याय की “पहाड़ैकि इज” और हिंदी में डॉ. गजेन्द्र बटोही का आंचलिक कहानी संग्रह “माटी का दर्द” शामिल है।
आयोजक मंडल ने बताया कि इस मौके पर कवि संगोष्ठी भी आयोजित होगी, जिसमें विनोद पंत, त्रिभुवन गिरि महाराज, हेमंत बिष्ट, डॉ. प्रभा पंत, राजेंद्र ढैला, त्रिवेन्द्र जोशी, सुंदर लाल मदन, धर्मेन्द्र पाण्डेय, गौरव त्रिपाठी, दीपांशु कुंवर, गोविंद बल्लभ बहुगुणा, डॉ. हेमा कार्की अपनी बेहतरीन रचनाओं की प्रस्तुति देंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत लता कुंजवाल द्वारा प्रस्तुत शकुनाखर से होगी। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक प्रो.पीसी बाराकोटी, अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर तिवारी, विशिष्ट अतिथि प्रख्यात इतिहासकार , लोक संस्कृति कर्मी, लेखक, कवि डा. प्रयाग जोशी, जुगल किशोर पेटशाली, संपादक, पहरू डॉ. हयात सिंह रावत, देवकी आर्या होंगें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप उपाध्याय करेंगे।
