खटीमा: बोले महामंडलेश्वर ज्ञानवापी हमारा था, हमारा है, हमारा रहेगा…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

खटीमा, अमृत विचार। सनातन हिंदू धर्म के प्रमुख हरिद्वार के निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी का शिवलिंग प्राचीन है यह अनादिकाल से है। ज्ञानवापी भगवान शिव का मूल स्थान है। वह हमारा है। प्रसन्नावश हमें सौंप दें वह हमारा था हमारा रहेगा। उन्होंने चार धाम …

खटीमा, अमृत विचार। सनातन हिंदू धर्म के प्रमुख हरिद्वार के निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी का शिवलिंग प्राचीन है यह अनादिकाल से है। ज्ञानवापी भगवान शिव का मूल स्थान है। वह हमारा है। प्रसन्नावश हमें सौंप दें वह हमारा था हमारा रहेगा।

उन्होंने चार धाम यात्रा में अधिक भीड़ को देखते हुए बेहतर सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन को सही करार दिया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर कहा कि वह सरल व सौंम्य व्यक्तित्व के हैं भगवान से प्रार्थना है वह भारी मतों से जीतें।

गुरुवार को नेपाल के ब्रहमदेव मंडी स्थित मंदिर जाते समय क्षेत्र के प्रमुख खटीमा फाइबर्स फैक्ट्री में महामंडलेश्वर महाराज ने कहा कि शास्त्रों में ज्ञानव्यापी का प्रमाण मिलता है। भगवान शिव का यह मूल स्थान हैं। मेरा भाव यह है कि हम किसी धर्म व परंपरा को न छेड़ें। सब अपने धर्म का अपने तरीके से पालन करते हैं। भारतीय परंपराओं को भी कोई आधात न पहुंचाए। हम विवाद नहीं चाहते हैं अखाड़े के लोग घर बैठने वालों में नहीं हैं।

भगवान शिव की नगरी काशी ज्ञान की है ज्ञान की धारा गंगा है। ज्ञानवापी का नाम परिर्वतन नहीं कर पाए। इसलिए वह ज्ञानवापी है। भगवान शिव का मूल स्थान हैं। अआड़े के लोग सहिष्णुता को जन्म देते हैं हम घर बैठने वाले अखाड़े के लोग नहीं हैं। धर्म का प्रचार पूरे विश्व में करते हैं। शास्त्र को भगवान मानते हैं। निरंजनी का आचार्य हूं। मैं चाहता हूं कि मेरा संवाद ग्राह्य हो। ज्ञानवापी भगवान शिव का मूल स्थान है। सतयुग के मध्य काल का शिवलिंग है 12 ज्योर्तिलिंग में दो ही है जहां भगवान शिव, पार्वती के साथ स्वयं विराजमान है।

काशी विश्वनाथ व झारखंड में बैजनाथ धाम है। पूरी पृथ्वी का विलय हो सकता है काशी का नहीं। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि हम हिदुंओं से केवल एक आग्रह करते हैं कि विवाद न करें वह हमारा है। मुस्लिम भाईयों से कहता हूं कि अतिक्रमण का भाव न रखें। उसे प्रसन्नता के साथ सनातनियां को सौंप दें। उसमें विवाद करने से कोई लाभ नहीं है। वह हमारा था हमारा है हमारा रहेगा। थोड़े समय आवरण लगा सकते हैं। शिवलिंग को कोई क्षति नहीं पहुंचा सकता है।

सनातन धर्म अनादि काल से है, अनादि काल तक रहेगा। उत्तराखंड में 33 करोड़ देवताओं का वास है। उत्तराखंड में परंपरा बनी रहे। यहां का सामान्य जन भी देवता समान है देवभूमि है। भगवान शिव मेरे अराध्य है। उत्तराखंड हमारी भूमि है दुनिया में जाते हैं तो देवता का रूप मानते हैं सम्मान मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री धामी को अपने हदय से लगाया है और मित्र कहा। ईश्वर से प्रार्थना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारी मतों से जीतें। चार धाम में बिना रजिस्टेशन कोई प्रवेश न हो। एक भी यात्री का नुकसान न हो। इस दौरान खटीमा फाईबर्स के एमडी डॉ. आरसी रस्तोगी, दिनेश मंगला, महामंडलेश्वर के सचिव अवितिका नंद आदि मौजूद रहे।

संबंधित समाचार