मेगा बजट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गुरुवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया गया। यह प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इससे पहले बजट करीब साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये का था। 2022-23 के लिए छह लाख 15 हजार 518 करोड़ रुपये का बजट है। इसमें किसानों से …

गुरुवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया गया। यह प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इससे पहले बजट करीब साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये का था। 2022-23 के लिए छह लाख 15 हजार 518 करोड़ रुपये का बजट है। इसमें किसानों से लेकर लघु उद्योग करने वाले, बिजली उपभोक्ता, महिलाओं और युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक, यूनिवर्सिटी-

कॉलेज को विकसित करने का भी ऐलान किया गया है। बजट में किसानों के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। राज्य सरकार इसे उज्ज्वल भविष्य का ड्राफ्ट बजट बता रही है, तो वहीं विपक्ष ने इसे हताशा और निराशा का बजट बताया है। महंगाई कैसे कम हो इसकी बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह मायाजाल है, इस बजट में कुछ भी नहीं है, इसे केवल घुमाया गया है। बसपा की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि गरीबी और बेरोजगारी से घिरे राज्य के लिए यह बजट किसी ‘अंधे कुएं’ के समान है। जनता की आंख में धूल झोंकने का खेल कब तक चलेगा? हालांकि बजट में उर्जा सुधार पर फोकस किया गया है। पीएम किसान योजना के तहत प्रदेश पहले नंबर पर रहा है।

15 हजार सोलर पंपों की स्थापना कराई जाएगी। निजी ट्यूबवेल के बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। किसानों को कोऑपरेटिव कर्ज के लिए 300 करोड़ का प्रस्ताव है। साथ ही लघु सिंचाई योजना के तहत 1 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 2022-23 में 60.3 लाख क्विंटल बीज बांटा जाएगा। गन्ना भुगतान के लिए 1 हजार करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन कोरिडोर बनाया जाएगा। वृद्धावस्था पेंशन दोगुनी कर दी है।

युवाओं के लिए 5 साल में 4 लाख नौकरी देने का ऐलान किया गया है। छात्रवृति के लिए 150 करोड़ से अधिक का बजट प्रस्तावित किया गया है। महिला सुरक्षा के लिए 720 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को एक वर्ष में दो मुफ्त सिलेंडर दिए जाएंगे। कुल मिलाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ पेश समावेशी बजट प्रदेश सरकार का अगले पांच साल का विजन है। बजट के जरिए महिलाओं, किसानों व युवाओं को प्राथमिकता देकर उन्हें भविष्य के लिए साधने की पुरजोर कोशिश की गई है।