अयोध्या: जानिए महिलाओं की कसौटी पर कितना खरा उतरा बजट

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गुरुवार को पेश किए गए बजट को आमजन ने सराहा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह का बजट हर वर्ग को ध्यान में रख पेश किया गया है वह सराहनीय है। खासकर बुद्धिजीवी वर्ग ने बजट को प्रदेश के भविष्य के लिए …

अयोध्या। प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गुरुवार को पेश किए गए बजट को आमजन ने सराहा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह का बजट हर वर्ग को ध्यान में रख पेश किया गया है वह सराहनीय है। खासकर बुद्धिजीवी वर्ग ने बजट को प्रदेश के भविष्य के लिए बेहतर बताया है। हालांकि विपक्ष ने बजट की आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि केवल लोकलुभावन घोषणाएं की गई है।

प्रदेश सरकार द्वारा बजट में शिक्षा, विकास और स्वास्थ्य के अतिरिक्त किसानों आदि के लिए किए गए प्रावधानों को लोगों ने भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया है। खासकर अयोध्या और वाराणसी धार्मिक नगरों के चहुंमुखी विकास के लिए की गई घोषणाओं का स्वागत किया गया है। यूपी सरकार के बजट को लेकर ‘अमृत विचार’ ने लोगों से उनकी प्रतिक्रिया जानी। अधिकतर ने बजट को बेहतर बताया है।

महिला बटालियन का गठन सराहनीय: अर्चना शर्मा

तारुन में सहायक अध्यापक अर्चना शर्मा ने बताया कि बजट में शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, रोजगार व महिला सुरक्षा जैसे आवश्यक मुद्दों पर सरकार की योजनाए प्रस्तावित है। मेरे विचार से उत्तर प्रदेश के तीन जनपदों में तीन महिला बटालियन का गठन अत्यन्त सराहनीय योजना है।


सिलेंडर की घोषण लाभदायक: अलका त्रिपाठी

तारुन की गृहणी अलका त्रिपाटी ने का कि बजट में धार्मिक नगरी अयोध्या पर विशेष फोकस किया गया है। यही नहीं वाराणसी व गोरखपुर पर ध्यान दिया गया है। गरीब महिलाओं के लिए उज्जवला योजना के अंतर्गत होली और दीपावली में 2 सिलेंडर देने की घोषणा सराहनीय है।

अब तक बेहतर बजट: शैलेंद्र सिंह

अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने भविष्य का बजट बताया है। जिस प्रकार से मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान किया गया है निश्चित रूप से उत्तम प्रदेश की परिकल्पना है। किसानों को निशुल्क सिंचाई के साथ रोजगार और स्वास्थ्य के मुद्दों पर यह अब तक का बेहतर बजट है।

बजट में कुछ नहीं दिख रहा

बवा कुमारगंज निवासी व प्रगतिशील किसान मनीष सिंह ने कहा कि इस बजट मे किसानों के लिए कुछ दिख नहीं रहा है। किसान कितनी यूनिट बिजली प्रयोग करे सबसिडी भी जारी नहीं हुई। सरकार की योजना थी छुट्टा जानवरों से निजात दिलाना, लेकिन वादे हवा-हवाई हैं।

छोटा मुंह बड़ी बात जैसा बजट: राजमणि यादव

सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य राजमणि यादव ने कहा बजट छलावा है जो सिर्फ कागजों पर ही दिखाई देता है। जमीन पर कुछ नहीं होता। छोटा मुंह बड़ी बातें जैसा साबित होता है। देश व प्रदेश की जीडीपी न के बराबर है कहां से आएगा घोषणाओं के लिए पैसा। बजट लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर पेश किया गया है।

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