काशीपुर: बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पताल पर ठोका 20 हजार का जुर्माना
काशीपुर, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग ने एक निजी अस्पताल का पंजीकरण नहीं होने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। दूसरे निजी अस्पताल में तीन दवाइयों के सैंपल लिए गए है। शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. तपन शर्मा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक डॉ. सुधीर कुमार ने टीम के साथ करनपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र का औचक …
काशीपुर, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग ने एक निजी अस्पताल का पंजीकरण नहीं होने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। दूसरे निजी अस्पताल में तीन दवाइयों के सैंपल लिए गए है।
शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. तपन शर्मा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक डॉ. सुधीर कुमार ने टीम के साथ करनपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जहां पर व्यवस्था दुरस्त मिलने पर तारीफ की। इसके बाद टीम ने मुरादाबाद रोड जसपुर बस अड्डे के पास एक निजी अस्पताल में छापा मारा। जहां पर साफ-सफाई बदहाल मिली। दस्तावेजों का अवलोकन किया।
इस दौरान उत्तराखंड नैदानी स्थापन में पंजीकरण कराए बिना ही संचालित होता मिला। जहां पर स्टाफ में खलबली मच गई। डॉ. तपन शर्मा ने कड़ी फटकार लगाकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जन सेवा अस्पताल उत्तराखंड नैदानी स्थापन में पंजीकरण बिना संचालित होता मिला। अस्पताल पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। इसके बाद टीम इसी मार्ग पर दूसरे निजी अस्पताल पहुंची। जहां दवाइयों का रखरखाव व दवाइयों की बिक्री संबंधी दस्तावेजों सही नहीं मिला। जिसको लेकर टीम ने तीन दवाईयों के सैंपल लिए।
इसके बाद टीम ने बैलजूड़ी स्थित एक निजी अस्पताल पहुंची। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि जसपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में साफ-सफाई ठीक नहीं मिली है। बुखार, गैस व एंटीबायोटिक दवाइयों का सैंपल लिए हैं। नारकोटिक्स दवाइयों का ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए प्रबंधन को पांच दिन का समय दिया गया है।
इसके बाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। बैलजूड़ी अस्पताल में संचालित मेडिकल एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर संचालित होता पाया गया। आवेदन कर शीघ्र ही सही कराने को 10 दिन का समय दिया गया है।
