अयोध्या: जिले में मठ-मंदिरों का होगा कायाकल्प, बनेगी डिजिटल कुंडली
अयोध्या। जिले के पौराणिक मठ और मंदिरों का कायाकल्प होने वाला है। 2.0 की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी मंदिरों पर नजरें इनायत की है। सरकार सूबे के मंदिरों की डिजिटल कुंडली तैयार कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फरमान जारी कर …
अयोध्या। जिले के पौराणिक मठ और मंदिरों का कायाकल्प होने वाला है। 2.0 की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी मंदिरों पर नजरें इनायत की है। सरकार सूबे के मंदिरों की डिजिटल कुंडली तैयार कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फरमान जारी कर पौराणिक महत्व वाले सभी मंदिरों की सूची बनाने के लिए निर्देश दिया गया है। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन ने मंदिरों का डाटा उपलब्ध कराने का आदेश मातहतों को जारी किया है।
सरकार की लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के सांस्कृति धरोहर व विकसित पर्यटन खंड में सम्मिलित हिन्दू ऑनलाइन एकीकृति मंदिर सूचना प्रणाली (आईटीआईएस) लागू किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इसके तहत सूबे के सभी डीएम पत्र जारी किया। कहा कि वह अपने क्षेत्र के मंदिरों का विवरण, इतिहास, मुख्यालय से दूरी और प्रमुख मार्गों से मंदिर की दूरी के बारे में विस्तार पूवर्क बताएं।
सीडीओ अनीता यादव ने बताया कि शासन ने पत्र लिखकर पौराणिक मंदिरों की डिजिटल कुंडली तैयार करने का आदेश दिया है, जिसके तहत सभी बीडीओ, नगर पंचायत, नगर पालिका व नगर निगम से ब्यौरा मांगा जा रहा है।
यह है प्रमुख बिंदु
1-हिंदू ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली के तहत एकत्रित होगा डाटा
2-मंदिरों का विवरण इतिहास मुख्यालय से दूरी आदि 15 बिंदुओं पर देनी है जानकारी
3-250 शब्दों की टिप्पणी भी अफसर करेंगे अंकित, जिसमें
मंदिर की पौराणिक महत्ता, मंदिर में साल भर में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधा शामिल होगी।
अभिलेखों में मंदिरों की देनी होगी जानकारी
राजस्व अभिलेखों में मंदिर की प्रस्थिति, मंदिर प्रबंधन की प्रस्थिति आदि बिंदुओं को भी पूरी तरह से स्पष्ट किया जाए। यही नहीं प्रमुख मार्ग व मुख्यालय से मंदिर की दूरी और रूट चार्ट दिया जाएगा।
पढ़ें-अयोध्या: मनरेगा कार्य पर अब होगी आनलाइन हाजिरी, रुकेगा फर्जीवाड़ा
