हल्द्वानी: उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की बैठक में नहीं पहुंचे हनक दिखाने वाले अधिकारी, अब देहरादून लगाएंगे हाजिरी
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ सरकारी अधिकारी ऐसे भी हैं जो अपनी निरंकुश और हनक वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। आज काठगोदाम सर्किट हाउस में राज्य अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व निर्धारित बैठक में इसका नजारा भी देखना को मिला, जहां उच्च पदों पर बैठे कई जिम्मेदार अधिकारी गायब …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ सरकारी अधिकारी ऐसे भी हैं जो अपनी निरंकुश और हनक वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। आज काठगोदाम सर्किट हाउस में राज्य अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व निर्धारित बैठक में इसका नजारा भी देखना को मिला, जहां उच्च पदों पर बैठे कई जिम्मेदार अधिकारी गायब नजर आए। जिसके बाद अधिकारियों की निरंकुश रवैय्ये को लेकर चर्चाओं को दौर शुरू हो गया।
दरअसल सर्किट हाउस काठगोदाम में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब और सरदार इकबाल सिंह ने संयुक्त रूप से जनपद में सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए संचालित योजनाओं का विभागवार समीक्षा करने पहुंचे थे। बैठक में कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के गायब रहने से योजनाओं को लेकर सही जानकारी नहीं मिल सकी। इतना ही नहीं जो अधिकारी बैठक में पहुंचे भी थे वह भी आधी-अधूरी जानकारी के साथ आए थे, उन्हें योजनाओं तक की जानकारी नहीं थी। ऐसे में उनका क्रियान्वयन कराना तो दूर की बात है। फिलहाल आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने बैठक से गैरहाजिर रहे अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की।
उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों को स्पष्टीकरण के साथ चार जून को अल्पसंख्यक आयोग के देहरादून स्थित कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिये। मजहर नईम नवाब ने कहा कि सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए जो योजनायें संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ अन्तिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे यही आयोग का मकसद है। इसके लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय से कार्य करें तभी इन योजनाओं को साकार रूप दिया जा सकता है।
समीक्षा बैठक में आयोग के सदस्य मोहम्मद तसलीम, सचिव जगदीश रावत, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, अपर चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत, सहायक नगर आयुक्त गौरव भसीन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
