रुद्रपुर: सावधान! जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले दस से ज्यादा मरीजों में मिले इस रोग के लक्षण…
रुद्रपुर, अमृत विचार। औद्योगिक शहर में धीरे-धीरे काला पीलिया पैर पसारने लगा है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में से दस से ज्यादा मरीजों में काला पीलिया के लक्षण मिले हैं। जबकि डायरिया और वायरल बुखार सहित मौसमी बीमारियों के मरीजों ने अपना इलाज कराया। जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में सोमवार को ओपीडी में …
रुद्रपुर, अमृत विचार। औद्योगिक शहर में धीरे-धीरे काला पीलिया पैर पसारने लगा है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में से दस से ज्यादा मरीजों में काला पीलिया के लक्षण मिले हैं। जबकि डायरिया और वायरल बुखार सहित मौसमी बीमारियों के मरीजों ने अपना इलाज कराया।
जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में सोमवार को ओपीडी में तकरीबन साढ़े सात सौ मरीजों ने अपना इलाज कराया। बताया जा रहा है कि इन दिनों शहर के लोग काला पीलिया की चपेट में आने लगे हैं। फिजीशियन डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से काला पीलिया, डायरिया, वायरल बुखार, पेट दर्द आदि मौसमी बीमारियों के मरीज काफी बढ़ गए हैं। यहीं कारण है कि सोमवार को हमारी ओपीडी में 170 मरीज से अधिक लोग पहुंचे हैं। बताया कि मौसम में बदलाव और दूषित खान-पान, अनियमित दिनचर्या होने आदि के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं।
काला पीलिया का यह है लक्षण
काला पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को भूख न लगना, थकान और बुखार जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और यह बीमारी लीवर में वायरस की संक्रमण से फैलती है। इस बीमारी का पता रक्त की जांच से पता चलता है। यह बीमारी से पीड़ित मरीज के आंख व नाखून में पीलापन आने लगता है। त्वचा में खुजली होना, जोड़ों का दर्द होना, उल्टी-दस्त होना, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होने के साथ ही यूरिन में भी पीलापन आता है। यह हेपेटाइटिस बी और सी से संक्रमण से फैलता है। इसलिए पीलिया होने के संदेह पर चिकित्सक हेपेटाइटिस ए बी और सी जांच कराते हैं।
इस समय काला पीलिया के अधिक मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही डायरिया, वायरल बुखार, खांसी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
— डॉ. बलजीत कौर, फिजिशियन
