रामपुर: पुरातत्व विभाग को सौंपने से ही बच सकेगा ऐतिहासिक किले का वजूद
रामपुर, अमृत विचार। मैं वह किला हूं.. मेरी दुर्दशा रोको। मेरे अंदर ऐसी शानो शौकत थी, जिसके चलते परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। मेरे दोनों गेटों पर नवाब की फौज का पहरा रहता था। हामिद मंजिल से नवाब समेत उनका मंत्रिमंडल रियासत का राजकाज चलाता था। मेरी सड़कों परघोड़ों पर सवार फौज के …
रामपुर, अमृत विचार। मैं वह किला हूं.. मेरी दुर्दशा रोको। मेरे अंदर ऐसी शानो शौकत थी, जिसके चलते परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। मेरे दोनों गेटों पर नवाब की फौज का पहरा रहता था। हामिद मंजिल से नवाब समेत उनका मंत्रिमंडल रियासत का राजकाज चलाता था। मेरी सड़कों परघोड़ों पर सवार फौज के सिपहसालार घूमते रहते थे।
बस नवासा-ए-रसूल के गम में माहे मोहर्रम के अलावा किसी आम आदमी को आने की इजाजत नहीं थी। लेकिन, आज स्थिति यह है कि मेरी शानो-शौकत को मामूली-मामूली लोग बट्टा लगा रहे हैं। अनदेखी के चलते किले में अतिक्रमण अमरबेल की तरह फैल रहा है। हर रोज मैं तिल-तिल कर दम तोड़ रहा हूं और जिम्मेदार हुक्मरान मेरी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस किले को बचाने के लिए जिलाधिकारी रहे आंजनेय कुमार सिंह ने कोशिश की थी, वो मौजूद वक्त में मुरादाबाद के कमिश्नर हैं। पर्यटक स्थल बनाने के लिए भी और पुरातत्व विभाग को सौंपने के लिए भी उन्होंने प्रयास किए थे, अगर उन्हीं प्रयासों को थोडा आगे बढ़ा दिया जाए तो जिले और शहर की शान किला एक बार फिर यादगार बन जाएगा।
73 साल में किले की खूबसूरती पर दाग लगते गए और उन दागों को मिटाने के लिए कोई पहल नहीं हुई। हालांकि, विशेषज्ञ रामपुर किले से अतिक्रमण साफ कराए जाने और पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग कर रहे हैं। रामपुर की आन-बान-शान माने जाने वाला किला 117 साल से ज्यादा समय का इतिहास अपने में समेटे हुए है। किले को तामीर कराने में अस्सी साल का वक्त लग गया था। यूं तो किले संगे बुनियाद रामपुर के पहले नवाब फैजुल्लाह खां ने 1774 में रखी थी लेकिन, इसका दोबारा से तामीर नवाब हामिद अली खां ने कराई थी और किले का नक्शा फ्रांसीसी इंजीनियर डब्ल्यू सी राइट से तैयार कराया था। नवाब हामिद अली खां ने दोबारा से किले का निर्माण 1825 से 1905 तक कराया था। यानि, किले के निर्माण में अस्सी साल का वक्त लगा था आज किले के अंदर और बाहर अतिक्रमण किले को तबाह कर रहा है। लोग किले से अतिक्रमण साफ कराकर इसे पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग कर रहे हैं।
किले पर सभी धर्मो की उत्क्रीण हैं इबादतगाहें
नवाब हामिद अली खां ने किले का नक्शा फ्रांसीसी इंजीनियर डब्ल्यू सी राइट से तैयार कराया था। डब्ल्यू सी राइट से खास तौर से ऐसी नक्शा बनाने को कहा था कि उसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी धर्मो की इबादतगाहों के प्रतीक शामिल हों। रजा लाइब्ररी पर चारों धर्मो के प्रतीक मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च उत्क्रीण हैं।
नवाबी दौर की तमाम इमारतों का संरक्षित होना बहुत जरूर है। क्योंकि,आने पीढ़ियां उस दौर के बारे में जान सकेंगी। यह इमारतों तक सीमित नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और हमारी एकता को दर्शाती हैं।-इकरार अली
रामपुर किले की इमारत करीब 117 वर्ष पुरानी है इसे पुरातत्व विभाग को अपनी सुपुर्दगी में ले लेना चाहिए। ताकि, किले का अस्तित्व बना रहे किला रामपुर की पहचान है। रामपुर ऐतिहासिक शहर है इसलिए लोग यहां आते हैं। -सरफराज अली
किले में विश्व स्तरीय रजा लाइब्रेरी स्थित है इसमें रखे ज्ञान के भंडार से लाभ लेने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। इसलिए रामपुर किले को स्वच्छ एवं सुंदर होना चाहिए। प्रशासन किले को अतिक्रमण मुक्त कराए। -नरेश चंद्र लोधी
पुरातत्व विभाग 117 साल पुरानी इमारत को अपने कब्जे में लेकर इसे विरासत के रूप में विकसित करे इससे राष्ट्र को काफी आमदनी बढ़ जाएगी। लोग दूर-दूर से रजा लाइब्रेरी में आते हैं किले में साफ सुथराई देखकर रामपुर और यूपी की अच्छी छवि बनेगी।-उमेश सिंह
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