सामाजिक न्याय की लड़ाई में झलकारी बाई के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता : जावेद अंसारी

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गोरखपुर। झांसी में जन्मी वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर अपना दल (एस) समर्थक राष्ट्रवादी विचारों का वाहक “राष्ट्रवादी मुस्लिम महासभा” ने संगोष्ठी आयोजित कर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धा – सुमन अर्पित किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद अंसारी ने वीरांगना झलकारी बाई को याद करते हुए कहा कि …

गोरखपुर। झांसी में जन्मी वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर अपना दल (एस) समर्थक राष्ट्रवादी विचारों का वाहक “राष्ट्रवादी मुस्लिम महासभा” ने संगोष्ठी आयोजित कर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धा – सुमन अर्पित किया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद अंसारी ने वीरांगना झलकारी बाई को याद करते हुए कहा कि वीरांगना झलकारी बाई को इतिहास में जगह नहीं मिला लेकिन उनके वीरता को सारे लोग नमन करते हैं। वह एक ऐसी बहादुरी की मिसाल हैं जो लोगों के लिए प्रेरणा है। झलकारी बाई ने एक गरीब परिवार में जन्म लेकर अपने हौसले बुलंद रखा। जिसका परिणाम रहा कि 1857 में रानी लक्ष्मी बाई के सानिध्य में कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के जंग कूद पड़ी थी।

उन्होंने कहा कि झलकारी बाई के जीवन से हम सभी को प्रेरणा लेते हुए सामाजिक न्याय का संकल्प लेना चाहिए। इस मौके पर मुर्तजा हुसैन रहमानी, सुजीत कुमार शर्मा, अशुतोष सिंह चौहान, अभिषेक विश्वकर्मा, सुधीर कुमार, विनय कुमार, रेश्मा बानों, शिवांगी गुप्ता, रश्मि सिंह, सुनीता निषाद, शमीम अहमद, परवेज अंसारी, शहाबुद्दीन अली, फिरोज अंसारी, आफताब हाशमी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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