जो रूट के दिखाए मार्ग पर चलना चाहते हैं मार्नस लाबुशेन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लंदन। श्रीलंका में स्पिन के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के लिए मार्नस लाबुशेन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट के दिखाए मार्ग पर चलना चाहते हैं। पिछले साल रूट ने दो टेस्ट मैचों में 426 रन बनाए थे। रविवार को बारिश के कारण रद्द हुए मैच के साथ ग्लेमॉर्गन के साथ …

लंदन। श्रीलंका में स्पिन के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के लिए मार्नस लाबुशेन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट के दिखाए मार्ग पर चलना चाहते हैं। पिछले साल रूट ने दो टेस्ट मैचों में 426 रन बनाए थे। रविवार को बारिश के कारण रद्द हुए मैच के साथ ग्लेमॉर्गन के साथ उनका वर्तमान कार्यकाल समाप्त हुआ। मैच के रद्द होने से पहले अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से उन्होंने दो शिकार किए।

श्रीलंका के दौरे पर उनकी यह कला कप्तान आरोन फिंच और पैट कमिंस के काम आ सकती है। गेंद के अलावा बल्ले के साथ लाबुशेन के पास अपनी छाप छोड़ने का बढ़िया अवसर होगा जब दौरे के अंत में गॉल में दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। लाबुशेन के टेस्ट करियर की शुरुआत 2018 में संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के विरुद्ध हुई थी। पाकिस्तान के हालिया दौरे के अलावा उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप में टेस्ट सीरीज़ नहीं खेली हैं। इस पाकिस्तान दौरे पर स्पिनरों ने लाबुशेन को परेशान किया और पहले मैच में 90 रन बनाने के बाद अगले दो मैचों में वह शून्य पर चलते बने।

उन्होंने बीबीसी स्पोर्ट वेल्स से कहा, “यह मेरे लिए भारतीय उपमहाद्वीप में स्पिन के विरुद्ध पहली असली चुनौती होगी। मैं इस चुनौती को पार करना चाहता हूं। जो रूट ने वहां बढ़िया बल्लेबाज़ी की थी और मैंने उनके खेल से बहुत कुछ सीखने का प्रयत्न किया है।” लाबुशेन ने आगे कहा, “हम विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीम बनना चाहते हैं। हम विश्व के किसी भी कोने में मैच जीतना चाहते हैं और मुझे लगता है कि हम श्रीलंका में सीरीज़ जीत सकते हैं। मुझे गर्मी और वहां की परिस्थितियों के अनुकूल होना होगा।” भले ही लाबुशेन राष्ट्रीय टीम के साथ एक लंबे सीज़न की शुरुआत करने जा रहे हैं, उन्हें उम्मीद है कि अगली एशेज़ सीरीज़ से पहले उन्हें ग्लेमॉर्गन के साथ फिर से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों प्रारूप खेलने वाले खिलाड़ियों की तुलना में लाबुशेन का शेड्यूल इतना व्यस्त नहीं है क्योंकि वह इस समय टी20 अंतर्राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य नहीं है। हालांकि अगले साल मार्च से पहले टीम को 11 टेस्ट मैचों के साथ-साथ काफ़ी सारे वनडे मुक़ाबले खेलने है और ऐसे में कार्यभार को संभालना अहम होगा। साथ ही उनकी पत्नी उनके पहले बच्चे के साथ गर्भवती है। लाबुशेन ने अक्सर अपनी सफलता का श्रेय 2019 में ग्लेमॉर्गन के साथ बिताए समय को दिया है।

2019 की एशेज़ सीरीज़ के दौरान स्टीव स्मिथ को सिर पर चोट लगने के बाद लाबुशेन उनके कंकशन सबस्टिट्यूट बनकर मैदान पर उतरे थे। उन्होंने आगे कहा, “इस साल हमें बहुत क्रिकेट खेलना है, लगभग 16 टेस्ट और 18 वनडे मैच। हमें यह ध्यान में रखना होगा कि मैं स्वस्थ और फ़िट रहूं। साथ ही महत्वपूर्ण होगा कि मैं घर पर अपनी पत्नी और अपने बच्चे के साथ समय बिताऊं।”

ये भी पढ़ें : कोको गॉफ करियर के सर्वश्रेष्ठ 13वें स्थान पर, राफेल नडाल चौथे स्थान पर पहुंचे

 

संबंधित समाचार