हल्द्वानी: शिक्षकों की लापरवाही से कम हुआ परीक्षाफल – केएस रावत
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी हुआ। इसमें सरकारी स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन पिछले दो सालों के मुकाबले बहुत ही खराब रहा। प्रदेश में नैनीताल जिला 10वें स्थान पर है। ऐसे में मुख्य शिक्षा अधिकारी शिक्षकों पर नाराज दिखे। कहा कि स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद सभी शिक्षकों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी हुआ। इसमें सरकारी स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन पिछले दो सालों के मुकाबले बहुत ही खराब रहा। प्रदेश में नैनीताल जिला 10वें स्थान पर है। ऐसे में मुख्य शिक्षा अधिकारी शिक्षकों पर नाराज दिखे।
कहा कि स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद सभी शिक्षकों की एक समीक्षा बैठक की जाएगी। शिक्षकों की लापरवाही के चलते ही इस बार जिले का परीक्षाफल कम रहा। बता दें कि प्रदेश में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाफल में बागेश्वर के विद्यार्थियों का डंका बजा है।
इंटरमीडिएट में जहां प्रदेश में यह जिला 90.84 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा तो वहीं हाईस्कूल में इस जिले ने 87.05 फीसदी के साथ टॉप किया है। दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाओं में टॉप थ्री जिलों में कुमाऊं के दो जिले शामिल रहे हैं। लेकिन, नैनीताल ने दोनों ही परीक्षा परिणामों में टॉप-10 में स्थान बना पाया है। ऐसे में मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों की कोई गलती नहीं है। कमी सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों में है। शिक्षक दुर्गम स्कूलों में पढ़ाने से बचते हैं और सुगम की ओर तैनाती की मांग करते हैं, लेकिन जब बात विद्यार्थियों की पढ़ाने की होती है तो वहीं दुर्गम जिलों के बच्चे टॉप करते हैं और सुगम का हाल बेहाल हो जाता है। शिक्षकों की कमी परीक्षाफल खराब करने का मुख्य कारण नहीं है। अगर शिक्षक सीमित संसाधन में भी बेहतर परिणाम दे तो बच्चे खुद अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
स्कूल खुलने के साथ ही सभी शिक्षकों की समीक्षा बैठक ली जाएगी, जिसमें उनके कक्षाओं के परिणामों की गणना होगी। जिस भी शिक्षक की परिणाम सबसे खराब रहेगा, उनको चेतावनी भी दी जाएगी।
-केएस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी
जिले में 90 विद्यालयों के बेसिक शिक्षकों के लिए मांगे 150 आवेदन
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में कुल 90 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं, जबकि कुछ विद्यालय शिक्षक विहीन है। ऐसे में शिक्षकों की पदोन्नती की मांग पर शिक्षा विभाग की ओर से लेक्चरार की भर्ती चल रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले माह भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत ने बताया कि एल की भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इसी के साथ उन्होंने 150 पदों पर बेसिक शिक्षकों के आवेदन करने की मांग की है।
