अल्मोड़ा: कीड़े लगे अंडों के वितरण से बवाल
अल्मोड़ा, अमृत विचार। बच्चों को सुपोषण देने के उद्देश्य से भले ही मुख्यमंत्री ने बाल पलाश योजना चलाई हो। लेकिन योजना की जमीनी हकीकत खाने की निम्न स्तरीय गुणवत्ता देखकर सहज लगाया जा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र खत्याड़ी में जब कार्यकर्ताओं को कीड़े लगे हुए अंडों का वितरण किया तो बवाल हो गया। जिला कार्यक्रम …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। बच्चों को सुपोषण देने के उद्देश्य से भले ही मुख्यमंत्री ने बाल पलाश योजना चलाई हो। लेकिन योजना की जमीनी हकीकत खाने की निम्न स्तरीय गुणवत्ता देखकर सहज लगाया जा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र खत्याड़ी में जब कार्यकर्ताओं को कीड़े लगे हुए अंडों का वितरण किया तो बवाल हो गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए है।
शनिवार को बाल पलाश योजना के तहत खत्याड़ी आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार के रूप में अंडों का वितरण किया जा रहा था। आस-पास क्षेत्र के 50 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए अंडे लेने पहुंची थी। जब अंडों की पेटी खोली गई तो अंडे फूटे हुए थे और उसमें कीड़े लगे हुए थे। जिसकी सूचना आंगनबाड़ी केंद्र की सुपरवाइजर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास को दी।
उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि खराब अंडों की पेटी को अलग रखकर अन्य सामग्री बांट दी जाए। जिसके बाद सही अंडों का वितरण किया गया। जिले में 260 आंगनबाड़ी केंद्र है। इनमें योजना के तहत पोषाहार के लिए निजी फर्म को हायर किया गया है। जो जरूरत के अनुसार सामान की सप्लाई करता है।योजना के तहत बच्चों के वजन व पोषण में सुधार लाने के लिए उन्हें सप्ताह में दो दिन खजूर, अंडे, केला चिप्स दिया जाना है। जिससे बच्चों का शारीरिक विकास तो हो ही वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश के लिए बच्चे प्रोत्साहित भी हो सके।
फर्म को सामान बदलने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं निदेशालय स्तर पर भी फर्म की कार्यगुजारी की रिपोर्ट कर दी गई है। पीतांबर प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास, अल्मोड़ा
