सरकार की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में जिस तरह से कुछ शरारती तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे है, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। विगत दिनों कानपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद, हाथरस, फिरोजाबाद, अंबेडकर नगर सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में असामाजिक तत्वों ने सामाजिक शांति-सौहार्द्र के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री योगी …
उत्तर प्रदेश में जिस तरह से कुछ शरारती तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे है, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। विगत दिनों कानपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद, हाथरस, फिरोजाबाद, अंबेडकर नगर सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में असामाजिक तत्वों ने सामाजिक शांति-सौहार्द्र के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ के निर्देशों पर इन शरारती तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हिंसा के आरोप में अब तक 309 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए उपद्रवियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की तैयारी की गई है। विभिन्न स्थानों पर हिंसा और उपद्रव फैलाने के मामलों में 13 एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो, जो असामाजिक सोच रखने वाले सभी तत्वों के लिए एक उदाहरण बने और माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी न सके। बात साफ सरकार इन तत्वों से कड़ाई से निपट रही है।
सरकार संदेश देना चाह रही है कि कोई भी व्यक्ति यदि देश और समाज के खिलाफ काम करता है, नफरत या हिंसा फैलाता है तो उसे कतई नहीं बक्शा जाएगा। सरकार की कार्रवाई के साथ ही आम जनता को भी ऐसे लोगों को बेनकाब करने का समय आ गया है। समझना होगा कि कतिपय निहित स्वार्थों से प्रेरित कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में अफवाहों के बहकावे में न आकर देश और समाज के हित में कार्य करना युग धर्म है। भारत की मूल संस्कृति भी सर्वधर्म सद्भाव वाली रही है।
आज जिस समय प्रदेश के कई जिलों में हिंसा के जख्म हरे हैं, कानपुर, से एक राहत भरी खबर आई है। कन्नौज की एक मुस्लिम महिला शाहाना कानपुर में अपना इलाज करा रही है। उसे खून की जरुरत पड़ती है। उसकी अपील पर कानपुर के ही पेशे से वकील अभिमन्यु गुप्ता अपरिचित शाहाना की मदद के लिए आगे आ जाते हैं। अपना खून देकर शाहना की जान बचाते है।
यह कोई दिखावा नहीं, भारत के आत्मा की आवाज थी। यही वह ताकत है जिसने भारत और भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोए रखा है अल्लामा इकबाल ने लिखा है-कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। वह बात यही है-मानवता का बोध, मानवीय संवेदना, एक दूसरे के प्रति प्यार। मौजूदा सरकार भी सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र के सहारे आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश और देश के सभी लोगों का कर्तव्य है कि वह समाज में नफरत फैलाने वालों को बेनकाब करे। देश की मूल संस्कृति की रक्षा करें।
