हल्द्वानी: सांसद अजय भट्ट हुए लापता ! महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने लगाए गुमशुदगी के पोस्टर
हल्द्वानी, अमृत विचार। सांसद महोदय हमारे घर उजड़ रहे हैं। इन घरों में हम कई वर्षों से गुजर बसर रहे थे। हमसे नगर निगम टैक्स भी वसूलता है। हमारे पास जमीन के पट्टे, फ्री होल्ड तक मौजूद हैं। यही नहीं बिजली, पानी के कनेक्शन समेत तमाम सरकारी कागजात भी हमारे पास हैं। सरकारी स्कूल, अस्पताल, …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सांसद महोदय हमारे घर उजड़ रहे हैं। इन घरों में हम कई वर्षों से गुजर बसर रहे थे। हमसे नगर निगम टैक्स भी वसूलता है। हमारे पास जमीन के पट्टे, फ्री होल्ड तक मौजूद हैं। यही नहीं बिजली, पानी के कनेक्शन समेत तमाम सरकारी कागजात भी हमारे पास हैं। सरकारी स्कूल, अस्पताल, सड़क समेत कई सरकारी संस्थान यहां बने हुए हैं। लेकिन रेलवे प्रशासन तानाशाहीपूर्ण रवैये से हमारे घर और संस्थानों को हटाना चाहता है। हममें से ज्यादातर लोग मेहनतकश मजदूर हैं। लेकिन अब रेलवे हमारे घरों को तोड़ने में आमादा हो गया है, हम बहुत तकलीफ में गुजर बसर कर रहे हैं। हम इतने परेशान हैं और आपने एक बार भी हमारे दर्द को बांटना तो दूर खैरियत भी नहीं पूछी… यही वजह है कि हम सब लोग आपकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाने को मजबूर हुए हैं।
अगर आप तक यह बात पहुंचे तो हमें न्याय दिलाने के लिए आगे जरूर आइयेगा…… हल्द्वानी की सड़क किनारे दीवारों पर नैनीताल-उधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट की गुमशुदगी के पोस्टर लगाते लगाते यह सब बातें बस्ती बचाओ संघर्ष समिति बनभूलपुरा से जुड़े लोगों ने कहीं।
बस्ती बचाओ संघर्ष समिति से जुड़ी रजनी जोशी ने कहा कि रेलवे हमारे घरों, स्कूलों, अस्पताल आदि सरकारी संस्थानों को उजाड़ने पर तुला हुआ है। यह जमीन उत्तराखंड के राजस्व विभाग में अंडर ट्रांसफर अंकित है, यानी यह जमीन किसी को जारी नहीं की गई है। इस स्थिति में यह जमीन उत्तराखंड सरकार और वहां रह रहे निवासियों की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस जमीन की न्यायालय में पैरवी करनी चाहिए। विधानसभा में मजबूती से अपनी जमीन का पक्ष रखना चाहिए। हमारे सांसद महोदय को इस जमीन की पैरवी न्यायालय समेत न्याय के सभी मंचों में और लोकसभा में भी करनी चाहिए जो नहीं की जा रही है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोग सांसद अजय भट्ट की गुमशुदगी के पोस्टर लगाने को मजबूर हुए हैं।
बताते चलें कि हल्द्वानी में रेलवे की 29 हेक्टेयर भूमि पर लंबे समय से रह रहे 4365 परिवारों के सामने घर उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है। मामला हाईकोर्ट में है जबकि जिला प्रशासन ने रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। ऐसे में इन दिनों यहां रहे लोग मानसिक तनाव के बीच जिंदगी जीने को मजबूर हैं। लंबे समय से बस्ती बचाओ संघर्ष समिति बनभूलपुरा के बैनर तले महिलाओं, बुजुर्गों के साथ बच्चों ने भी अपने घरों को बचाने की मुहिम छेड़ी हुई है। इस दौरान कार्यक्रम में अफ़सरी बाजी, मुखतरी बाजी, हमीदन चच्ची, आलिया परवीन, रजनी जोशी, इन्शा, शोबी, शना, खुशनमा, रिहाना, फैयाजउद्दीन, रियासत, नसीम, रईस, वासिद सहित अनेक बच्चे और महिलाएं और पुरुष शामिल थे।
