हल्द्वानी: सूदखोर दोस्त से परेशान वन दरोगा के बेटे ने जहर खाकर जान दी
हल्द्वानी, अमृत विचार। सूदखोर दोस्त से परेशान वन दरोगा के बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सूदखोर दोस्त से परेशान वन दरोगा के बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
मूलरूप से कपकोट बागेश्वर निवासी भजन सिंह देव वन दरोगा है और खटीमा में तैनात हैं। यहां हल्द्वानी में वन विभाग के सरकारी आवास में उनके नाम पर कमरा आरक्षित है, जहां उनके बच्चे कमलेश सिंह देव (28), नरेश सिंह देव व भाई की बेटी रहती है। जबकि पत्नी कपकोट स्थित घर में रहती हैं। कमलेश पीडब्ल्यूडी में संविदा कर्मचारी था। परिजनों की मानें तो कमलेश पिछले कुछ दिनों से बहुत परेशान था।
उसे दिल्ली का एक दोस्त नवनीत सोनी बार-बार फोन करता था और दो लाख रुपयों की मांग करता था। इसी को लेकर कई बार कमलेश की नवनीत से फोन पर उससे बहस भी हुई। आरोप है कि नवनीत ने कमलेश को पैसे वापस न करने पर धमकी दी। जिससे वह बहुत परेशान हो गया। रविवार की शाम 10वीं में पढ़ने वाला कमलेश का भाई नरेश बाजार से सामान लेने गया था। इस दौरान नरेश ने कमलेश को फोन कर कुछ और सामान लेने के लिए भी पूछा।
भाई से बातचीत के दौरान नरेश को कुछ शक हुआ। जिसके बाद उसने तुरंत कालोनी में नीचे रहने वाले एक दूसरे परिवार को फोन किया। फोन मिलते ही परिवार आनन-फानन में ऊपरी मंजिल पर मौजूद कमलेश के पास पहुंच गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कमलेश ने जहर खा लिया था और उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। आनन-फानन में कमलेश को सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ये सूचना परिवार तक पहुंची तो कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही कमलेश के पिता और माता भी मौके पर पहुंच गए। सोमवार को कमलेश के पिता भजन सिंह देव कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपते हुए नवनीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाल हरेंद्र चौधरी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
भाई से कहा…’अब तुम देख लो, मैं जा रहा हूं’
हल्द्वानी। नरेश ने बताया कि कमलेश घर पर अकेला था और वह बाजार से घर का सामान लेने गया था। बाजार से उसने कमलेश को इसलिए फोन किया कि वह पूछ सके कि बाजार से और क्या-क्या लाना है। यह पूछने पर कमलेश ने नरेश से कहाकि ‘मुझे नहीं पता अब तुम देख लो किया लाना है और क्या नहीं… क्योंकि मैं तो जा रहा हूं।’ इतना कहते हुए कमलेश ने फोन काट दिया और फिर बार-बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाया। जिसके बाद नरेश ने नीचे फ्लोर पर रहने वाले परिवार को फोन किया।
अय्याशी और गलत चीजों में खर्च किए पैसे
हल्द्वानी। पुलिस को दी तहरीर में वन दरोगा भजन सिंह देव ने लिखा है कि जिन दो लाख रुपयों की आरोपी नवनीत मांग कर रहा था, दरअसल उन रुपयों को अय्याशी और गलत कामों में खर्च कर दिए गए। जिसके बाद इन रुपयों की मांग उनके बेटे कमलेश से की जाने लगी। जिसके चलते उसने जान दे दी। वहीं मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि फोन पर नवनीत से बातचीत के दौरान कमलेश यह भी कहा था कि उसने जो रुपए लिए थे वो वापस कर दिए हैं। अब नवनीत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
पवन की मौत के पीछे भी आई थी कर्ज की बात
हल्द्वानी। आवास विकास निवासी ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल की मौत को लगभग एक साल पूरा होने वाला है। पवन की लाश दो गांव के पास सड़क से करीब आधा किलो मीटर जंगल में मिली थी। उसके शरीर पर कई घाव और हड्डियां कई जगह से टूटी थीं। इस मामले का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर सकी, लेकिन पुलिस का भी यह मानना था कि पवन कन्याल के ऊपर बहुत कर्ज था और वह कर्ज वापसी को लेकर परेशान था। इसी के चलते पवन ने आत्महत्या कर ली। हालांकि पवन के घरवालों को इस पर भरोसा नहीं था।
दमुवाढूंगा, बनभूलपुरा और रुद्रपुर में भी मामले
हल्द्वानी। ये घटना 26 अक्टूबर 2018 की है। दमुवाढूंगा निवासी महेश ने सूदखोरों के चंगुल में फंसकर जान गंवा दी। महेश का डीजे व लाइट का काम था। पता लगा कि दमुवाढूंगा में कुछ महिलाओं ने सूदखोरी का जाल बिछा रखा था। जो लोगों को छोटे-छोटे कर्ज देकर फंसाती और फिर प्रताड़ित करती थीं। महेश भी इन्हीं सूदखोंरों के चक्कर में फंस गया था। इससे कुछ साल पहले बनभूलपुरा में सूदखोर के उत्पीड़न से परेशान दो युवकों ने उसकी हत्या कर दी थी। वहीं छह माह पूर्व रुद्रपुर के एक कारोबारी ने आजिज आकर सुसाइड की कोशिश की थी।
