इजराइल की पहल
इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन के नेतृत्व में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। दरअसल 2014 के बाद भारत सुरक्षित निवेश के एक बड़े हब के रुप में दुनिया में स्थापित हुआ है। एफडीआई में वृद्धि ही नहीं हुई …
इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन के नेतृत्व में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। दरअसल 2014 के बाद भारत सुरक्षित निवेश के एक बड़े हब के रुप में दुनिया में स्थापित हुआ है। एफडीआई में वृद्धि ही नहीं हुई है इसका क्षेत्र भी व्यापक हुआ है। सरकार ने रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी एफडीआई को हरी झंडी देकर विकास के नए आयामों का उद्घाटन किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाने की बात की है। अगर भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, तो उत्तर प्रदेश को कम से कम एक ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था का प्रदेश बनाना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश को प्रात्साहित करने के उद्देश्य से व्यापक रणनीति बनाई है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3 तक प्रदेश में निवेश का स्तर काफी संतोषजनक हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शुरू से ही प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाने की दिशा में काफी कार्य किया है।
गैर जरुरी कानूनों को समाप्त कर और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाकर एक नया माहौल बनाया गया है जिससे उद्योगपति स्वत: यहां आने लगे हैं। 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश खुद में एक बड़ा बाजार है। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल की यात्रा की थी और दोनों देशो के बीच रक्षा, कृषि, विज्ञान तकनीकि, अतंरिक साइबर सुरक्षा, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में नए तरीके से सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ था। इस साल भारत इजराइल अपने कूटनीतिक संबंधों की 30 वीं सालगिरह मना रहा है।
आज रुस के बाद इजराइल भारत का रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में दूसरा बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार आज 4.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते की ओर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में इजराइल के राजदूत की लखनऊ यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजदूत नाओर गिलोन ने प्रदेश में रक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, कृषि नवाचार, पानी खासकर बुंदेलखण्ड इलाके में पानी की व्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग की बात कही है। गौरतलब है कि डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, नई दिल्ली के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर मेडिकल डिवाइस पार्क और पानी के ऐसे क्षेत्र हैं जहां इजराइल के लिए निवेश के बेहतर अवसर हैं। उम्मीद है, इजराइल की यह पहल प्रदेश के विकास को नए पंख लगाने में कामयाब होगी।
ये भी पढ़ें- बरेली: फरीदपुर में बैंक से छह लाख रुपये चोरी, आरोपी सीसीटीवी में कैद
