अल्मोड़ा: मानसून काल में एनडीआरएफ रहेगी मुस्तैद

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। आने वाले मानसून काल में आपदा के समय कम से कम नुकसान हो और आपदाग्रस्त इलाकों में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इसके लिए अल्मोड़ा जिला मुख्यालय में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात कर दी है। मानसून काल में यह टीम प्रतिदिन 24 घंटे रेस्क्यू के लिए मुस्तैद रहेगी। साथ ही जरूरत वाले …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। आने वाले मानसून काल में आपदा के समय कम से कम नुकसान हो और आपदाग्रस्त इलाकों में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इसके लिए अल्मोड़ा जिला मुख्यालय में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात कर दी है। मानसून काल में यह टीम प्रतिदिन 24 घंटे रेस्क्यू के लिए मुस्तैद रहेगी। साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर अपनी मदद देगी।

आपदा के लिहाज से अल्मोड़ा जिला भी काफी संवेदनशील है इसलिए मानसून काल में आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके और आपदाग्रस्त स्थानों पर तत्काल राहत कार्य शुरू कराए जा सकें। इसके लिए यहां एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। इस टीम में 35 सदस्य हैं। जिन्हें जिला मुख्यालय से लगे भैंसवाड़ा फार्म में रुकवाया गया है। आपदा के दौरान यह टीम चौबीस घंटे मदद को तैयार होगी। आपदा के दौरान रेस्क्यू के साथ समय-समय पर यह टीम ग्रामीण क्षेत्रों के युवक, महिला मंगल दलों व आपदा में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित भी करेगी।

एसडीआरएफ की भी रहेगी पैनी निगाह
अल्मोड़ा। मानसून काल में आपदा के दौरान होने वाली घटनाओं पर एसडीआरएफ की टीम की भी पैनी निगाह रहेगी। नुकसान को कम से कम करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने जिले में 18 सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम की भी मदद ली है। यह टीम भी पूरे मानसून काल में जिले में सक्रिय रहेगी और हर घटना पर अपनी पैनी निगाह रखते हुए 24 घंटे रेस्क्यू के लिए तैनात रहेगी।

सड़क मार्गों को खोलना सबसे बड़ी चुनौती
अल्मोड़ा। मानसून काल के दौरान जिले में सबसे बड़ी चुनौती भूस्खलन के कारण बंद होने वाली सड़कों को खोलना है। कई बार सड़क मार्गों के बंद होने के कारण राहत बचाव दल पूर्व में आपदाग्रस्त क्षेत्रों तक समय से पहुंच ही नहीं पाए। इस कारण आपदा में उम्मीद से अधिक नुकसान का सामना करना पड़ा। जिले के 356 मोटर मार्गों में से 31 मार्ग आपदा के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं। जबकि जिले की 75 प्रतिशत सड़कें मानसून काल में अवरुद्ध हो जाती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग के लिए मानसून काल में सबसे पहले सड़क मार्गों को खोलने की चुनौती हर साल सामने रहती है।

मानसून काल में आपदा से निपटा जा सके। इसके लिए जिले में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ
की तैनाती की गई है। यह टीम 24 घंटे रेस्क्यू के लिए तैयार रहेंगी। जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए कंट्रोल रूम को भी एक्टिव कर दिया गया है। कोशिश रहेगी कि मानसून काल में किसी भी प्रकार की घटना से तत्परता से निपटा जा सके।

– प्रशांत कुमार, प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, अल्मोड़ा

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